राजस्थान के भीलवाड़ा के पास चलती ट्रेन के दरवाजे से मुंह बाहर निकालकर उल्टी करते समय निजी कॉलेज के शिक्षक यश बाजवान (28) निवासी फतेहपुर पुट्ठी का सिर खंभे से टकरा गया। इससे यश बाजवान की मौके पर ही मौत हो गई। भीलवाड़ा गए परिवार वाले शुक्रवार शाम यश का शव लेकर वापस आए और अंतिम संस्कार किया।
फतेहपुर पुट्ठी गांव में रहने वाले श्रीनिवास ने बताया कि उनका बड़ा बेटा यश बाजवान राजस्थान के अलवर के एक निजी कॉलेज में शिक्षक था, जो कुछ दिन पहले छुट्टी पर घर आया था। छुट्टियां खत्म होने पर यश बाजवान बृहस्पतिवार शाम वापस लौट रहा। छोटा बेटा अतुल बाइक से बड़ौत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठाकर आया था। यश के साथ ही क्रिश निवासी बिजवाड़ा और अनुज निवासी माखर भी थे। क्रिश और अनुज भी अलवर में निजी कॉलेज में शिक्षक हैं।
दिल्ली पहुंचने के बाद तीनों अलवर जाने के लिए दूसरी ट्रेन में सवार हो गए। अनुज और क्रिश ने बताया कि रात करीब दो बजे जैसे ही यश की ट्रेन राजस्थान के भीलवाड़ा गांव के पास पहुंची तो वह तबीयत बिगड़ने की बात कहकर उल्टी करने के लिए चला गए, लेकिन वापस नहीं लौटा।
भीलवाड़ा से आगे जाने के बाद भी यश नहीं आया तो उन्होंने तलाश शुरू कर दी। इसके बाद चेन खींचकर ट्रेन रोककर तलाश शुरू कर दी और फोन करके परिजनों को भी यश के लापता होने के बारे में बताया। एक घंटे मशक्कत के बाद यश का शव भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन के पास एक खंभे के बराबर में पड़ा हुआ मिला। बताया कि ट्रेन से मुंह बाहर निकालकर उल्टी करते समय खंभे से टकराने से यश नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई।
चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर के थे यश
फतेहपुर पुट्ठी गांव में रहने वाले श्रीनिवास ट्रक चालक हैं। उनका बेटा यश बाजवान चार भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। उनकी दो बेटियों राखी और नेहा की शादी हो चुकी है। जबकि छोटा भाई अतुल तितरौदा गांव के निजी स्कूल में पीटीआई है। यश के परिवार में उनके पिता श्रीनिवास, मां सुमन, चाचा तपेंद्र, दादा इंद्रपाल, दादी छोटी रह गए हैं।
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