शामली के युवक ने बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को हरियाणा में बंधक बनाकर गलत काम किया था। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर किशोरी को छुड़ा लिया था। कोर्ट ने दोषी अरशद को 10 साल की सजा सुनाई है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम साबिस्ता आकिल ने किशोरी को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने वाले अरशद निवासी जिला शामली को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर छह माह की सजा बढ़ाई जाएगी।
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बड़ौत कोतवाली में वर्ष 2023 में दर्ज हुई प्राथमिकी में किशोरी ने बताया कि ट्रेन में बैठकर दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई थी। वहां पर अरशद निवासी जिला शामली उसे मिला और वह अपने साथ हरियाणा ले गया। वहां कई माह तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी अरशद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पंचम में चल रही थी। मंगलवार को सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने अरशद पर दोषसिद्ध कर दिया था। बुधवार को सुनवाई करते हुए न्यायाधीश साबिस्ता आकिल ने अरशद को दस साल की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
हत्यारोपी पत्नी और उसके प्रेमी की जमानत याचिका खारिज
प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत ने नौरोजपुर गुर्जर गांव में किसान सचिन की हत्यारोपी पत्नी रचना और उसके प्रेमी सोनू तोमर निवासी रंछाड़ की जमानत याचिका खारिज कर दी। इसमें हत्यारोपी रचना, उसके प्रेमी समेत तीन आरोपी जेल में बंद हैं।
नौरोजपुर गुर्जर गांव निवासी नवीन कुमार ने 13 जून को बागपत कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उसका भाई सचिन अपनी पत्नी रचना और दो बच्चों के साथ गांव में रहकर खेतीबाड़ी करता है। 13 जून की सुबह उसका भाई सचिन घर में चारपाई पर मृत पड़ा हुआ मिला। नवीन कुमार ने भाभी रचना, उसके प्रेमी सोनू निवासी रंछाड़ समेत अन्य पर हत्या करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो रात में एक युवक सचिन के घर से निकलता दिखा। रचना ने पूछताछ में बताया कि खीर में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाने के बाद रात में गला घोंटकर हत्या की थी। पुलिस ने रचना, उसके प्रेमी सोनू और नींद की गोलियां देने वाले सागर तोमर उर्फ रितिक निवासी रंछाड़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल में बंद रचना, उसके प्रेमी सोनू ने न्यायालय में जमानत याचिका दायर कराई, जिसे प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत ने खारिज कर दिया।