रागिब की फाइल फोटो और हादसे के बाद एकत्र लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खेकड़ा कस्बे के मोहल्ला औरंगाबाद में बुधवार सुबह बिजली की हाईटेंशन लाइन के तार बदल रहा ठेकाकर्मी रागिब (25) करंट लगने से झुलस गया। वह काफी देर तक लटका हुआ तड़पता रहा, मगर आपूर्ति बंद नहीं की गई और उसकी मौत हो गई। बाद में आपूर्ति बंद कराकर उसका शव खंभे नीचे उतारा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
मुजफ्फरनगर जिले के कुतुबपुर गांव निवासी रिजवान ने बताया कि उसका ममेरा भाई रागिब निवासी पाली जिला सहारनपुर पिछले कुछ दिनों से प्राइवेट कंपनी के सुपरवाइजर अनिल की टीम में काम कर रहा था। जो ऊर्जा निगम की योजना के तहत जर्जर बिजली लाइन बदल रहे हैं।
बुधवार को खेकड़ा कस्बे के मोहल्ला औरंगाबाद में बिजलीघर से हाईटेंशन लाइन का शट डाउन लेकर बिजली के जर्जर तारों और पोल बदलने का काम कराया जा रहा था। रागिब खंभे पर चढ़कर लाइन बदलने लगा, तभी उसी खंभे से गुजर रही दूसरी लाइन में करंट उतर गया और उसकी चपेट में आकर रागिब झुलस गया। लाइन में तेज धमाका भी हुआ।
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इससे आसपास घरों में रहने वाले लोग बाहर निकलकर आ गए। वहां रागिब खंभे पर लटका हुआ तड़प रहा है और इसके चंद मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई। साथी कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव नीचे उतारा। रिजवान ने बताया कि रागिब अविवाहित था।
उधर पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। करंट लगने से रागिब के शरीर पर कई निशान भी मिले। इस मामले में जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता राजीव कुमार का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
सात भाई-बहनों में सबसे बड़ा था रागिब
रिजवान ने बताया कि रागिब के पिता मेहरबान मजदूरी करते हैं। वह सात भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। रागिब अविवाहित था, उसके परिवार में माता, पिता के अलावा छोटे तीन भाई और तीन बहन हैं। उसकी एक बहन की शादी हो चुकी है।