जनता ने जनादेश देकर अपना काम किया, अब बारी नेताओं की है। बागपत के ऐसे कई मुद्दे हैं, जिन्हें भाजपा बार-बार उठाकर प्रदेश की सरकार पर निशाना साधती रही थी, इस बार जनादेश ऐसा मिला अब धरातल पर काम करके दिखाने की जिम्मेदारी भाजपा पर ही होगी।
केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद अब जनपद बागपत की जनता सीधे जवाब मांगेंगी। ऐसे में भाजपा नेताओं की जिम्मेदारी बढ़ना लाजिमी है। ऐसा भी पहली बार हुआ है यूपी में जिस दल का बहुमत आया, बागपत से उसके दो विधायक चुने गए। अधिकतर समय तो ऐसा रहा बागपत के वोटर विपक्ष के विधायक चुनते रहे थे।
लोगों की मानें तो यहां विकास नहीं होने का सबसे बड़ा कारण भी यही रहा। वर्ष 2007 में बसपा की सरकार बनीं तो रालोद जीता, वर्ष 2012 में सपा की सरकार बनीं तो बसपा के दो विधायक बन गए, लेकिन इस बार भाजपा सत्ता में आई तो यहां दो विधायक भाजपा के जीते। जिला बनने के बीस साल बाद यहां अब भी विकास की जरूरत है।
कब आएंगे दिल्ली- यमुनौत्री हाईवे के अच्छे दिन
दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे का निर्माण सालों से लटका है। ठेेकेदार कंपनी ने इसमें फर्जीवाड़ा किया, भाजपा पिछले तीन साल से इस मुद्दे को उठा रही है। सांसद सत्यपाल सिंह ने कहा यूपी सरकार सबसे बड़ी बाधा है। केंद्र सरकार इसमें बजट लगाने के लिए तैयार है। अब यूपी में भाजपा की सरकार गई है, लोगों की उम्मीद के इस हाईवे के निर्माण की सबको प्रतीक्षा रहेगी। हाईवे के अच्छे दिन आ जाएं तो यहां दिल्ली और सहारनपुर के बीच सफर आसान होगा।
कब तक बन जाएगा छपरौली का पुल
विस चुनाव में भाजपा के मुद्दों में छपरौली पुल शामिल रहा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर आए, यही नहीं बड़ौत आए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी पुल का वादा किया। दो राज्यों को जोड़ने वाले इस पुल का अब कब तक निर्माण होगा, इसका सवाल खड़ा है। अब तो हरियाणा, यूपी और केंद्र में भाजपा की सरकार है। सांसद पहले यूपी सरकार को घेरते रहे, अब लोगों ने जनादेश दिया तो पुल पर लोगों की निगाह रहेगी।
किसानों के दर्द की कितनी होगी दवा
बकाया भुगतान पर बागपत में सियासी बवंडर उठते रहे हैं। मलकपुर चीनी मिल पर बकाया भुगतान के मुद्दे पर भाजपा ने सपा सरकार पर सवाल खड़े किए थे। भुगतान नहीं होने के लिए यूपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया, इस बार कमान भाजपा के हाथ में। भुगतान की स्थिति, फसलों के दाम फिर से समस्या खड़ी कर रहे हैं। गन्ने के बाद गेहूं की फसल आने वाली है, ऐसे में सवाल है भाजपा क्या समाधान निकालेगी।
कब सुधरेंगे शिक्षा - चिकित्सा के हालात
बागपत को जिला बने हो गए 20 साल, यहां शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था बेपटरी है। परिवहन के लिए लोगों को अब भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। देहात के संपर्क मार्गों की हालत खस्ता है। सरकारी अस्पताल में इलाज और प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा नहीं मिलती। देखने वाली बात यह होगी भाजपा के सत्ता में आ जाने के बाद क्या व्यवस्था में सुधार हो पाएगा या नहीं।