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प्रधान के नाम पर बिगड़ी बात और बॉर्डर पर फंसे प्रवासी

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साहब गलती हो गई मैं निवाडा गांव का नहीं हूं। यूपी-हरियाणा स्थित निवाड़ा पुलिस चौकी पर पुलिस से गु? - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। हालात ऐसे हैं कि प्रवासी अपने घर पहुंचने के लिए खूब जतन कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला हरियाणा के निवाड़ा सीमा पर पकड़ा गया। पहले भैंसा बुग्गी में सामान रखकर भेजा, फिर पैदल चलकर सीमा पार करने लगे। पुलिस ने गांव और प्रधान का नाम पूछा। गांव का नाम तो बताया, लेकिन प्रधान का नाम नहीं बता पाने से पोल खुल गई। पुलिस ने प्रवासियों को वापस भेजा।
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हरियाणा सीमा पार करने के लिए बृहस्पतिवार को हरियाणा के पानीपत और पंजाब के लुधियाना से आए प्रवासियों ने नई तरकीब निकाली। उन्होंने अपने कपड़ों से भरे चार बैग बुग्गी में छिपाकर सीमा के पार भेज दिए। खुद पैदल सीमा पार करने का प्रयास किया। निवाड़ा चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने खुद को निवाड़ा गांव का बताकर जिले की सीमा पार करने का प्रयास किया। पुलिस ने निवाड़ा के प्रधान का नाम पूछ लिया, इस पर प्रवासी सकपका गए। पुलिस ने सख्ती की तो मामला पकड़ा, इसके बाद प्रवासियों को वापस भेजा।
मजबूरी में बोला झूठ, करें तो क्या करें
बागपत। हरियाणा के पानीपत व पंजाब के लुधियाना से बागपत पहुंचे देवरिया के अजित, बलरामपुर के मुकेश कुमार, गोंडा के रामप्रकाश, रायबरेली के रामकेश व रामचरण ने बृहस्पतिवार को अपने आप को निवाड़ा गांव के बताकर निवाड़ा सीमा पार करने का प्रयास किया। मजदूरों ने अपना सामान वहां से गुजर रही बुग्गी में छिपा दिया और अपने आप को निवाड़ा गांव का मजदूर बताया। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने मजबूरी में झूठा बोला था।
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पुलिस ने दिलाया सामान, घर भिजवाने का भरोसा
बागपत। निवाड़ा चैक पोस्ट से वापस भेजे जाने पर मजदूरों ने कहा कि उनका सामान बुग्गी में आगे चला गया है। उन्होंने पुलिस से अपना सामान लाने की अनुमति मांगी। पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पर रोककर बुग्गी से उनका सामान लाकर दिया। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि वह हरियाणा सीमा में ठहरे नियमानुसार उन्हें घर भिजवा दिया जाएगा।
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