बागपत। मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के बाद जिला जेल से शातिर अपराधियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जा चुका है। ऐसे में मेरठ जेल से लाए गए बबलू काठा ने जेल में अपना वर्चस्व बनाने के लिए अपनी बैरक के साथियों के साथ मिलकर खूनी खेल खेला। जेल प्रशासन बबलू के मंसूबों को नहीं भांप सका, जिस कारण यह सनसनीखेज वारदात हुई।
किशोर उम्र से ही बबलू काठा अपराध की राह पर है। अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला जेल में वर्चस्व को लेकर गुंडई होती रही है। मेरठ से शिफ्ट किए गए बबलू काठा ने अपने साथियों के साथ मिलकर खून खराबा कर दिया। इसके पीछे जेल पर अपना वर्चस्व बनाने के मंसूबे भी हैं। इसी तरह की सनसनीखेज वारदात सुनील राठी अंजाम दे चुका है। ऐसे में बबलू राठी जेल में अपना रुतबा बनाने की खातिर बैरक के अन्य साथियों के साथ जोड़ तोड़ में लगा हुआ था।
जेल अधीक्षक के सामने पहुंचा था झगड़ा
बागपत। खून खराबे से पहले पूरा मामला जेल अधीक्षक सुरेश कुमार के सामने पहुंचा था। उन्होंने दोनों पक्षों को अपनी-अपनी बैरक में रहने और कानून का पालन करने के निर्देश दिए। जेल अधिकारी बबलू काठा के मंसूबे नहीं भांप सके।
बैरक में घुसकर हमला किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जेल अधिकारी भी जांच कर रहे हैं। - प्रताप गोपेंद्र यादव, एसपी।