फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिवार में सभी का दुलारा था आयुष, हर कोई याद करके रोता रहा

विज्ञापन
विज्ञापन
बस चालक की लापरवाही परिवार को दे गई न भूलने वाला दर्द
विज्ञापन

हादसे का पता चलते ही दौड़ी शोक की लहर, उसकी बातें याद कर सुधबुध को बैठी मां
खुद सुबह उठकर होता स्कूल जाने के लिए तैयार, परिजनों को रहता लौटने का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। आयुष परिवार ही नहीं, बल्कि घर के आसपास में सभी सभी का दुलारा था और वह हमेशा खुद तो हंसता रहता था तो सभी को हंसाता था। बस चालक की लापरवाही परिवार को कभी न भूलने वाला दर्द देकर चली गई। मोहल्ले में शोक की लहर है। आयुष की मां रश्मि उसकी बातों को याद कर बार-बार सुधबुध खो रही है।
चमरावल के रहने वाले आयुष के पिता अरुण त्यागी खेती के साथ ही दुकान भी करते हैं। उनकी पत्नी रश्मि गृहिणी है और उनकी आठ वर्षीय बेटी किट्टू उर्फ शिवन्या है, उससे दो साल छोटा आयुष था और दो वर्षीय छोटा बेटा वीर है। शिवन्या व आयुष रोजाना सुबह स्कूल जाते थे। आयुष घर में सबसे ज्यादा शरारती था तो उसे सभी सबसे ज्यादा प्यार व दुलार करते थे। उसकी शरारतों को देखते हुए सभी उसे प्यार से आयुष बदमाश कहकर बुलाते थे। उसकी मौत की जानकारी होते ही परिवार के साथ ही आसपास रहने वालों की आंखों में आंसू थे। मां रश्मि का रो-रोकर बुरा हाल है। आंखों से निकलते आंसू और सिसकती जुबां पर सिर्फ बेटे का नाम है। आयुष पुकारते हुए बार-बार उसकी शरारतों को याद कर गुम हो जाती है। रश्मि कहती है कि स्कूल जाते समय आयुष बाय-बाय बोलकर और हंसता चेहरा लेकर जाता था। हर समय हंसता-खेलता रहने वाला आयुष अब लौटकर नहीं आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
विधायक, जिलाध्यक्ष व अन्य नेता भी पहुंचे
आयुष की मौत के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर व मनुपाल बंसल वहां पहुंचे और वहां कार्रवाई की मांग करने के साथ ही परिजनों को सांत्वना दी। वहीं जब आयुष का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचा तो वहां विधायक योगेश धामा समेत कई नेता पहुंचे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें