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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से ही डेंगू और चिकनगुनिया पर अंकुश संभव

Fri, 07 Oct 2016 01:43 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
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बड़ौत के ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज में शिविर का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन करते अतिथि - फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत(ब्यूरो)। ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज में बृहस्पतिवार को चिकनगुनिया और डेंगू के निवारण को लेकर निशुल्क शिविर का आयोजन किया। इसमें 450 रोगियों का परीक्षण कर दवा दी। वक्ताओं ने कहा आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से ही डेंगू और चिकनगुनिया पर अंकुश लग सकता है। 
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इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल जैन, क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी डॉ. संतोष कुमार, संस्था प्राचार्य डॉ. सत्यप्रकाश वशिष्ठ, डॉ. विकास वशिष्ठ और बड़ौत मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमित खोखर ने मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया। 

डॉ. विकास वशिष्ठ और डॉ. अमित खोखर ने बताया डेंगू और चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है जो मच्छर से काटने से होती है। इसके लिए हमें शरीर के प्रतिरोधी तंत्र को मजबूत रखना चाहिए। क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी डॉ. संतोष तोमर और प्राचार्य डॉ. सत्यप्रकाश वशिष्ठ ने बताया शीघ्र ही पश्चिमी उप्र का सर्वोत्तम पंचकर्म केन्द्र बड़ौत मेें प्रारंभ होगा। मुख्य अतिथि विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा चिकित्सा जगत को समाजसेवा के कार्य करते रहना चाहिए।
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इसकी अध्यक्षता डॉ. संतोष कुमार ने की। संचालन डॉ. घनश्याम शर्मा ने किया। डॉ. सत्यप्रकाश वशिष्ठ, डॉ. विकाश वशिष्ठ और डॉ. अमित खोखर ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इसमें प्रबंधक मदनमोहन शर्मा, दीपक शर्मा, राजीव प्रधान, संजीव शर्मा, ब्रजेश शर्मा, अरविंद स्वामी, ब्रजमोहन शर्मा, देश बंधु, जयवीर, नीलेश का योगदान रहा। डॉ. विकास वशिष्ठ ने बताया शुक्रवार को कॉलेज में हीरो होंडा कंपनी का जॉब फेयर लगेगा।
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