बागपत/चांदीनगर। कोरोना के खिलाफ छिड़ी वैश्विक जंग में अफवाहों का दौर शुरू हो गया है। खैला गांव में मंदिर से एलान करा दिया गया कि माता के मंदिर पर जला चढ़ाओ नहीं तो पत्थर बन जाओगे। बस फिर क्या था, मंदिर में महिलाओं की कतार लग गई। घरों के बाहर हल्दी की थाप लगाई गई। घर में जितने बच्चे, उतने ही दीये चलाने की अफवाह फैली। दिनभर इसी तरह अफवाहें फैलती रही।
खैला गांव में सोमवार को मंदिर से पुजारी ने एलान कर दिया कि डौला गांव में चार लोग पत्थर के बन गए हैं। इसलिए महिलाएं माता मंदिर में जल चढ़ाएं और घर के बहार चार उपले जलाएं। यह सुन गांव की महिलाएं माता पर जल चढ़ाने पहुंचने लगी। अंधविश्वास के कारण सुबह से ही मंदिर पर महिलाओं की जल चढ़ाने के लिए घरों से निकल आई। इसके बाद गांव के ही कुछ युवक आगे आए और महिलाओं को समझाया की यह सिर्फ अंधविश्वास है। बड़ौत क्षेत्र के घरों में घर के बाहर हल्दी का पंजा लगाने से कोरोना के भाग जाने की अफवाह फैली। इसके बाद सैकड़ों महिलाओं ने अपने-अपने घरों के बाहर हल्दी की थाप लगाने का काम किया। अफवाह फैली की जिस घर में जितने बच्चे हैं, इतने ही दीपक जलाने होंगे। इसके बाद दीपक जलाने का काम शुरू हुआ। ग्रामीणों ने किसी तरह महिलाओं को समझाया।
गांव पलटने की अफवाह, चार घंटे घरों के बाहर बैठे लोग
अग्रवाल मंडी टटीरी। आंबेडकर नगर मोहल्ले में सुबह चार बजे अफवाह फैल गई कि एक गांव पलट गया है। सब लोग अपने घरों से बाहर निकले। इसके बाद अंबेडकर नगर के नागरिक घरों से बाहर निकल आए। लगभग सात बजे तक लोग अपने घरों के बाहर बैठे रहे।