अमीनगर सराय। नौसेना में पहली महिला फाइटर पायलट बनकर इतिहास रचने वाली आस्था पूनिया का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। उनका सपना इससे भी आगे बढ़कर कॅरिअर बॉन्ड पायलट बनना है। अपने इस सपने के बारे में खुद आस्था पूनिया ने बताया है। इस सपने को पूरा करने के लिए ही आस्था जुट गई हैं।
हिसावदा गांव में पहुंची आस्था ने बताया कि उनका बचपन से सेना में जाने का सपना था। इसके लिए पहले पढ़ाई की और तैयारी शुरू कर दी। माता-पिता सभी ने पूरा साथ दिया। किसी तरह की कोई परेशानी तैयारी में नहीं होने दी। इसका ही परिणाम है कि नौसेना में फाइटर पायलट बन गई, मगर यह सपना नौसेना में चयन के बाद ही कुछ बड़ा हो गया। वहां ट्रेनिंग के दौरान देखा कि कॅरिअर बॉन्ड पायलट बनने पर देश की सुरक्षा करने के साथ ही एयर क्राफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम की हर बारीकी को सीख जाते हैं। इसके अलावा भी कॅरिअर बॉन्ड पायलट को काफी कुछ ट्रेनिंग दी जाती है और इसके लिए आस्था ने तैयारी भी शुरू कर दी है। आस्था कहती हैं कि देश के लिए कुछ करने का जज्बा हर किसी में होना चाहिए। चाहे वह किसी भी तरह से देश के लिए कुछ करें। वह युवाओं के लिए कहती हैं कि उनको कुछ करने के लिए सपना जरूर देखना चाहिए। सपना छोटा या बड़ा नहीं होता है। सपना देखोगे तो ही कुछ हासिल कर सकोगे और इसके लिए आत्मविश्वास, लगन व मेहनत जरूरी होती है। यह होते हैं तो सबकुछ हासिल किया जा सकता है। आस्था ने बताया कि उनके भाई हर्ष पूनिया सेना में मेजर हैं और वह उनके रोल मॉडल हैं। उनको देखकर भी जिंदगी में बहुत कुछ सीखा है, इसलिए जिंदगी में एक रोल मॉडल भी जरूरी है।
ट्रेनिंग से घर आते ही आस्था ने बनवाए भिंडी और आलू के पराठे
आस्था के पिता अरुण पूनिया ने बताया की आस्था को शुरू से ही आलू के पराठे और भिंडी की सब्जी बेहद पसंद है। जब कभी उसका मन होता है तो आलू के पराठे के साथ भिंडी जरूर बनवाती है। ट्रेनिंग में डाइट प्लान होने के बावजूद घर आते ही आलू के पराठे और भिंडी जरूर बनवाती है। आस्था की माता संयोगिता ने बताया कि आस्था को अपनी किताबों से काफी लगाव रहता है, जो अभी तक है। बचपन से ही पेंटिंग और साइकिलिंग करना भी पसंद है। वह कहती हैं कि आस्था की पसंद को परिवार वालों ने कभी नापसंद नहीं किया, बल्कि उसको हमेशा सहयोग किया। इसका ही परिणाम आज सभी के सामने है, इसलिए सभी को अपने बच्चों को आगे बढ़ने में हमेशा मदद करनी चाहिए।