पदक जीतने के बाद भी जमीन से जुड़ी
खेल में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद तान्या अपने परिवार के साथ खेत और घर के कामों में हाथ बंटाती हैं। घर आने के बाद वह पहले खेत में फसल की कटाई करती हैं और फिर अपनी माता के साथ खाना बनाने में भी सहयोग करती हैं। इन दिनों पदक जीतकर घर लौटने के बाद तान्या आराम के साथ-साथ खेत में गेहूं की कटाई में भी परिवार का हाथ बंटा रही हैं।
25 किलोमीटर दूर जाकर लिया प्रशिक्षण
हैमर थ्रो में बेहतर प्रदर्शन के लिए तान्या रोजाना करीब 25 किलोमीटर दूर डौलचा गांव जाकर अभ्यास करती थीं। वहां कोच सचिन यादव ने उन्हें प्रशिक्षण दिया। तान्या डौलचा के अलावा दिल्ली में भी हैमर थ्रो का अभ्यास करती हैं और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रही हैं।