बागपत। एआरटीओ कार्यालय के बाहर खोखे व कुर्सी-मेज डालकर बैठने वाले दलालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। एसडीएम अमरचंद वर्मा ने एआरटीओ कार्यालय पर छापा मारा, मगर पहले ही दलाल खोखे बंद करके और कुर्सी-मेज उठाकर भाग गए। एसडीएम ने कार्यालय के अंदर लोगों से बातचीत की और वहां दलाल दोबारा दिखाई देने पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा गया।
अमर उजाला के 23 अगस्त के अंक में ''एआरटीओ कार्यालय में दलालों के कोड से दौड़ रहीं फाइलें'' की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद डीएम अस्मिता लाल ने मामले में जांच बैठाई और एसडीएम अमरचंद वर्मा को वहां छापा मारने भेज दिया। एसडीएम की गाड़ी रुकते ही वहां खोखे का ताला लगाकर दलाल भाग गए तो कुर्सी-मेज डालकर वहां बैठने वाले भी भाग निकले।
एसडीएम ने चेतावनी दी कि यदि कार्यालय के बाहर कोई इस तरह से बैठता है तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर गिरफ्तार कराया जाए। इसके बाद एसडीएम कार्यालय में पहुंचे और वहां अपने कार्य कराने के लिए आए लोगों से बातचीत की। उनसे पूछा गया कि उनका कार्य आसानी से किया जा रहा है या उनको चक्कर कटवाए जा रहे हैं। इस पर राजेश ने बताया कि वह टैक्स जमा करने आए थे और वह जमा हो गया है। लाइसेंस के लिए आए रोहित को जरूर परेशानी झेलनी पड़ रही थी, मगर अब उनका भी लाइसेंस बन गया।
कोड वाली फाइलों की जांच शुरू, कैमरे से रखी जा रही नजर
वहां कोड लिखीं फाइलों की जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एआरटीओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही है। अब कार्यालय के बाहर कोई भी दलाल नहीं बैठेगा। यदि बैठता है तो कार्रवाई की जाएगी। दलालों को कार्यालय में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कैमरे के माध्यम से नजर रखी जाएगी।