बागपत डीएम से लाइसेंस की मांग करता किरठल निवासी फुरकान
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बागपत। डीएम साहब! शस्त्र लाइसेंस बनवा दो या फिर एक जहर की पुड़िया लाकर दे दो, जिससे उसका और उसके परिवार का किस्सा ही खत्म हो जाए। भूखे मरने से अच्छा है जहर खाकर ही मर जाएं।
ग्राम किरठल निवासी फुरकान जिलाधिकारी हृदय शंकर तिवारी के समक्ष शस्त्र लाइसेंस न बन पाने पर बिफर पड़ा। उसने कहा कि अब इंतहा हो गई परेशान करने की। उसे शस्त्र लाइसेंस नहीं मिल पा रहा है, जिससे कहीं गार्ड की नौकरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर सके।
डीएम कार्यालय के चक्कर लगाते-लगाते थक गया है, लेकिन उसका लाइसेंस नहीं बन पा रहा है। पूर्व जिलाधिकारी ने इसकी संस्तुति भी कर दी थी, लेकिन लाइसेंस बनने से पहले ही उनका ट्रांसफर हो गया। फुरकान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए कहा कि या तो उसका शस्त्र लाइसेंस बनवा दो या फिर एक जहर की पुड़िया लाकर दे दो, जिससे उसका किस्सा ही खत्म हो जाए।