बागपत सीएमओ कार्यालय के बाहर फर्श पर लेटा विकलांग बालक
- फोटो : amar ujala
बागपत में सीएमओ कार्यालय पर दिव्यांगों ने चिकित्सकों के देरी से पहुंचने पर हंगामा किया। आरोप लगाया कि काफी समय से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका प्रमाण पत्र नहीं बनाए गए।
प्रत्येक तहसील दिवस और मंगलवार को सीएमओ कार्यालय पर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। हर कार्य दिवस में लोग चिकित्सकों पर प्रमाण पत्र न बनाने का आरोप लगाते है। मंगलवार को सैकड़ों लोग सीएमओ कार्यालय पहुंचे। चिकित्सकों के देरी से पहुंचने पर हंगामा किया। आरोप लगाया कि इसी प्रकार चिकित्सक अपने ड्यूटी पर देरी से पहुंचते है। जिसकी वजह से कुछ लोगों के ही प्रमाण पत्र बन पाते हैं।
सुबह से ही प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएमओ कार्यालय पर खड़े हो गए थे, लेकिन चिकित्सक घंटों देरी से पहुंचे। चिकित्सक के कार्यालय में घुसते ही दिव्यांगों ने उन्हें घेर लिया। बाद में दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाए गए। हंगामा करने वालों में यूनुस, ओमपाल, प्रमोद, दिलशाद, रिहाना, कोमल मौजूद रहे।
इस संबंध में सीएमओ आरके मिश्र का कहना है कि सभी दिव्यांगों के प्रमाण-पत्र बनवाए जा रहे हैं। समय पर ही प्रमाण-पत्र बनाने शुरू कर दिए थे। लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण समय लगा।
जमीन पर लेटा रहा मासूम
सीएमओ कार्यालय पर एक मासूम अपने परिजनों के साथ प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आया था। चिकित्सक के आते ही परिजन उसे सीढ़ियों पर बैठाकर लाइन में जाकर खड़े हो गए। मासूम बच्चे पर जब अधिक देर तक नहीं बैठा गया तो वह जमीन पर ही लेट गया। किसी ने भी उसे कुर्सी या अन्य स्थान पर बैठाना मुनासिब नहीं समझा। लोग उसे नजरंदाज करते हुए वहां से गुजरते रहे।