बड़ौत में बृहस्पतिवार को सूख पड़ी पूर्वी यमन नहर।
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बागपत के बड़ौत में गंगनहर के अफसरों की मनमानी और दबंगई बढ़ती जा रही है। गत दिनों गंगनहर के अफसरों ने पूर्वी यमन नहर में पानी छोड़ने से इंकार कर दिया था। स्थानीय अफसरों की ढीली कार्यशैली का फायदा उठाते हुए अब उन्होंने फिर से बागपत, गाजियाबाद व शामली जनपद के हिस्से में आने वाले पानी पर रोक लगा दी है।
इस कारण पूर्वी यमन नहर सूखी पड़ी है। बिना पानी नहर से जुडे़ लाखों किसानों की कई हजार बीघे फसल सूखकर बर्बाद हो रही है। इसको लेकर किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
पिछले एक सप्ताह से पूर्वी यमन नहर सूखी पड़ी है। इस कारण किसानों की फसलें सूखकर बर्बाद हो रही हैं। गत माह गंगनहर के अफसरों ने मनमानी करते हुए 700 के बजाय 200 क्यूसेक पानी छोड़ा था। अब 200 क्यूसेक पानी भी बंद कर दिया गया है। पूर्वी यमन नहर में पानी छुड़वाने को लेकर प्रतिदिन सैकड़ों शिकायतें विभागीय अफसरों से की जा रही हैं। स्थानीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
किसान नेता यशवीर तोमर, राजवीर एडवोकेट, ग्राम प्रधान छछरपुर अनिल कुमार एडवोकेट ने समस्या का शीघ्र समाधान नहीं उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई वीरपाल पंवार से बात की गई तो उनका कहना था कि पूर्वी यमन नहर में पानी छोड़ने के लिए मांग की जा रही है, कोई सुनवाई नहीं हो रही। एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव का कहना है कि बिन पानी किसानों की फसलें बर्बाद नहीं होने दी जाएंगी। शीघ्र ही विभागीय अफसरों से वार्ता की जाएगी।