बागपत। जिला समाज कल्याण विभाग में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता योजना की 15 फाइलें विभाग से स्वीकृत होने के बाद विभाग में दबी रहीं जबकि 35 लाख रुपये बजट वापस चला गया। इसके चलते लाभार्थियों को लाभ लेने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे है।
समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता योजना से पीड़ितों को लाभ देने के लिए शासन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 64 लाख रुपये बजट जारी किया था। लाभ लेने के लिए थानों में दर्ज मुकदमों के पीड़ितों ने आवेदन किया। जिसमें 15 फाइलों को पिछले साल जून 2023 में अफसरोंं ने स्वीकृति दे दी, लेकिन आठ महीने बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ पाई।
उधर शासन से जारी 64 लाख में से 29 लाख रुपये लाभार्थियों के खातों में भेज दिए गए लेकिन जून माह में स्वीकृत 15 फाइलों का बजट नहीं भेजा गया। इससे अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता योजना का शेष बजट 35 लाख रुपये वापस चला गया।
बदलते रहे विभाग के अधिकारी
जून माह में जिला समाज कल्याण अधिकारी रचना शर्मा का तबादला बुलंदशहर होने के बाद रश्मि यादव को जिला समाज कल्याण अधिकारी नियुक्त किया गया। आठ जनवरी से जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि यादव छुट्टी पर हैं। जिसके बाद समाज कल्याण विभाग का चार्ज पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी तुलिका शर्मा और फिर जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन मैत्रेय को दिया गया।
मुझे एक माह पहले ही विभाग का चार्ज मिला है। लाभार्थियों को लाभ नहीं दिलाने का मामला संज्ञान में नहीं है। इसके बारे में पता कराकर जांच कराई जाएगी। - विपिन मैत्रेय, समाज कल्याण अधिकारी।