खेकड़ा/बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से जैन तीर्थ नगरी बड़ागांव के लिए दो महीने बाद राह खुल जाएगी। एक्सप्रेस-वे से बड़ागांव के लिए 66 करोड़ रुपये से बनाए जा रहे कट की सड़क का निर्माण पूरा हो गया है और अब टोल बूथ का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इसके शुरू होने से जैन समाज के श्रद्धालुओं, पर्यटकों व काफी गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बनने के बाद ही मांग उठने लगी थी कि जैन तीर्थ नगरी बड़ागांव के पास भी कट दिया जाए ताकि एक्सप्रेस-वे से होते हुए बाहर से आने वाले लोग सीधे बड़ागांव पहुंच सकें तो उस कट का फायदा आसपास के गांवों के लोगों को भी मिल सके। इस मांग को लेकर काफी गांवों के लोग सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह के साथ केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मिले थे। वर्ष 2022 में परिवहन मंत्रालय ने बड़ागांव के पास एक्सप्रेस-वे पर कट बनाने के लिए 66 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया था, जिसके बाद वहां कार्य शुरू कराया गया। अब वहां कट के लिए सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। अब वहां टोल बूथ का निर्माण किया जा रहा है और अगले दो महीने में कट को शुरू कर दिया जाएगा। एडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि एनएचएआई के अधिकारी तेजी से कार्य करा रहे हैं और उम्मीद है कि दो महीने में उसे शुरू कर दिया जाएगा।
कट से काफी गांवों के लोगों को फायदा
बडागांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कट शुरू होने से जहां त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर मे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा व आसान रास्ता मिलेगा। वहीं बडागांव, रटौल, खैला, मंसूरपुर, ललियाना, खासपुर, गौना सहवानपुर, सिंगौली तगा, फुलैरा, टुकाली, विनयपुर, भगौट, भैडापुर, सरफाबाद, लहचौडा, फखरपुर, फिरोजपुर, अहमदनगर नंगला बड़ी, मुबारिकपुर, सैदपुर, महरमपुर, सलावतपुर खेड़ी, बसी आदि गांवो के ग्रामीणो के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर जाने के लिए सीधा रास्ता मिल जाएगा।