गांव बावली में हुई घटना, पांच बीघा ईख जली, ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर फसल का मुआवजा मांगा, तहरीर दी
बड़ौत। बावली गांव के जंगल में बुधवार को रात की रात में कुछ असामाजिक तत्वों ने गांव के दो किसानों की गन्ने की फसल और खेत में गन्ने से लदी ट्रैक्टर और ट्राली में आग लगा दी। सैकड़ोें ग्रामीणों ने प्रयास कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दो किसानों की पांच बीघा गन्ने की फसल और गन्ने से लदी ट्रैक्टर और ट्राली जल चुकी थी। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर पीड़ितों को क्षति पूर्ति का मुआवजा देने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। बाद में पीड़ितों ने इस संबंध में कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी।
क्षेत्र के बावली गांव के जंगल में बुधवार की रात में कुछ असामाजिक तत्वों ने गांव के लोकेंद्र सिंह की गन्ने की फसल और खेत में गन्ने से लदी ट्रैक्टर और ट्राली में आग लगा दी। देखते ही देखते आग बराबर में स्थित सुखपाल के गन्ने की खेत में घुस गई। वहां से गुजरने वाले लोगों ने इसकी सूचना ग्रामीणों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस के पहुंचने से पहले कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों किसानों की ढाई ढाई बीघा गन्ने की फसल और लोकेंद्र की गन्ने से लदी ट्रैक्टर और ट्राली जल चुकी थी। इससे क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने पुलिस की मौजूदगी में असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित किसानों को क्षति पूर्ति का मुआवजा दिलाने को मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
पीड़ित लोकेंद्र ने बताया कि उसका करीब चार-पांच लाख रुपये का नुकसान हो गया। ट्रैक्टर ट्राली में ऐसा कुछ नहीं बचा जिसे वे ठीक कराया जा सके। बाद में पीड़ितों ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। पुलिस ने घटना के खुलासे की मांग की। इनमें रामवीर, प्रमोद, अजय, धर्मेंद्र, संजय, नवीन, जयपाल आदि रहे।