वहीं, इससे तंग आकर सेवानिवृत इंस्पेक्टर सोमपाल राणा ने एंटी करप्शन टीम मेरठ को शिकायत की। जिसके बाद सोमवार को सेवानिवृत इंस्पेक्टर पांच हजार रुपये लेकर तहसील पहुंचे, जैसे ही काननूगो नरेंद्र ने पांच हजार रुपये पकड़े, एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
उधर, एंटी करप्शन इंस्पेक्टर मेरठ दुर्गेश कुमार ने बताया कि दाहा गांव निवासी यूपी पुलिस के सेवानिवृत इंस्पेक्टर सोमपाल राणा ने डोलबंदी का मुकदमा चल रहा है। एसडीएम के आदेश पर उनकी जमीन की पैमाइश होनी थी। लेकिन राजस्व निरीक्षक नरेंद्र द्वारा उनसे पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत मिलने पर थीम ने राजस्व निरीक्षक को पांच हजार की रिश्वत लेते हुए तहसील से गिरफ्तार किया है।
इस मामले में टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार ने कानूनगो नरेंद्र के खिलाफ कोतवाली बड़ौत में तहरीर दी है। सीओ सविरत्न गौतम ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है। जिसके आधार पर गिरफ्तार किए गए कानूनगो के खिलाफ मुकदमा किया जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार, इंस्पेक्टर कृष्णा अवतार, इंस्पेक्टर अर्चना, सब-इंस्पेक्टर बिजेंद्र, सब-इंस्पेक्टर कृष्षपाल आदि शामिल रहे।
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