गमगीन माहौल में अंशिका का हुआ अंतिम संस्कार
बिनौली। बरेली में पुलिस भर्ती के दौरान दौड़ लगा रही अंशिका की मौत के बाद फजलपुर गांव में मातम का माहौल हो गया। बृहस्पतिवार सुबह गमगीन माहौल में अंशिका का अंतिम संस्कार किया गया। गमजदा परिजनों को सांत्वना देने के लिए तांता लगा रहा।
अंशिका के शव को देर रात बरेली पुलिस लाइन से पुलिसकर्मी उसके गांव फजलपुर लेकर पहुंचे। गुरुवार की सुबह गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। उसके छोटे भाई मुकुल ने शव को मुखाग्नि दी। इस दौरान गांव के लोगो के आंखों में आंसू भर आए। पिता रामबीर, मां डोली भाई हिमांशु, मुकुल सहित परिजनों का रो रोकर बुरा था। परिजनों का आरोप है कि दो दिन पूर्व ही उन्हें फिजिकल टेस्ट के लिए एडमिट कार्ड दिए गए थे। उन्हें करीब 400 किलोमीटर दूर भर्ती के लिए जाना पड़ा। जिससे उसे परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार का कोई भी विधायक या अन्य प्रतिनिधि परिजनों को सांत्वना देने के लिए नही पहुंचा है।
रालोद नेता सांत्वना देने पहुचे
रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना के नेतृत्व में प्रांतीय उपाध्यक्ष धीरज उज्जवल, युवा जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर, अश्वनी तोमर, रामकुमार चैयरमेन, ओमवीर ढाका, सचिन राणा, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, राजू तोमर सिरसली, जितेंद्र कंडेरा आदि रालोद नेता जयंत चौधरी के निर्देश पर फजलपुर गांव पहुंचे। उन्होंने अंशिका के परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान रालोद जिलाध्यक्ष गठीना ने कहा कि परिवार को बड़ी क्षति हुई है। प्रदेश सरकार को अंशिका के भाई को नौकरी देनी चाहिए और आर्थिक मदद भी करनी चाहिए।