बागपत में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने कलक्ट्रेट में हंगामा किया। चार सूत्रीय ज्ञापन ओसी को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। समस्या का समाधान नहीं होने पर सांकेतिक हड़ताल, अन्य कार्यालयों का बहिष्कार, काली पट्टी बांधकर केंद्रों पर विरोध व्यक्त किया जाएगा।
शनिवार को महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की सैकड़ों सदस्य कलक्ट्रेट पहुंची। वहां उन्होंने हंगामा किया। संघ की जिलाध्यक्ष सुषमा गुर्जर ने बताया आंगनबाड़ी को 40 दिन की नगर निकाय मतगणना के लिए छह हजार रुपये का आश्वासन दिया था, लेकिन 750 रुपये देने की सूचना मिली है। मुंबई हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बताया समेकित बाल विकास परियोजना के सिवाय ओर अन्य विभाग में ड्यूटी न लगाई जाए। भारत सरकार द्वारा समेकित बाल विकास परियोजना लागू की गई है।
सुषमा गुर्जर ने बताया प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा, इसमें मांग की कि विभागीय कार्यों के अलावा अन्य कार्य न दिए जाए। नगर निकास का कार्य किसी अन्य कर्मचारियों से कराया जाए। एसडीएम की धमकी से बीमार हुई दोनों आंगनबाड़ी की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मांगों के समाधान के लिए चार दिन का समय दिया। उन्होंने मांगे पूरी नहीं होने पर सांकेतिक हड़ताल शुरू कर अन्य विभागीय कार्यालयों का बहिष्कार और केंद्रों पर काली पट्टी बांधकर विरोध करने की चेतावनी दी।
इसके बाद आंगनबाड़ियों ने काली पट्टी बांधकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कलक्ट्रेट प्रभारी मनोज कुमार को ज्ञापन सौंपा । इसमें पूनम, राजबाला, गीता, संगीता, संतलेश, योगिता, पूनम, अंजू, सीमा, बबीता, स्नेह लता, सविता, ऊषा, नसीम, रीतू, ममता, शीला, कुसुम आदि मौजूद रही।