उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में नवजात की मौत का मामला सामने आया है। खुब्बीपुर निवाड़ा गांव में सूचना देने के एक घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। जिसके इंतजार में गर्भवती महिला तड़पती रही। इसके बाद परिजन गर्भवती महिला को ई-रिक्शा में लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां डॉक्टर नहीं मिले। इस बीच ही प्रसव हो गया और नवजात की मौत हो गई।
जिला अस्पताल में हंगामा करते हुए खुब्बीपुर निवाड़ा गांव की रहनेवाली गुलनाज, गुलशन व फरीदा ने बताया कि उनकी गर्भवती देवरानी आयशा को डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल लाना था, जिसके लिए सुबह करीब साढ़े आठ बजे एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई।
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बताया कि एक घंटा इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आने पर पैदल ही जिला अस्पताल के लिए चल दिए। करीब आधा किलोमीटर पैदल चलने के बाद गर्भवती को ई-रिक्शा में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उसे भर्ती किया गया तो वहां प्रसव हो गया और नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पहले एंबुलेंसकर्मी की लापरवाही रही और फिर जिला अस्पताल में डॉक्टर भी नहीं मिले। जिस कारण नवजात की मौत हो गई।