एंबुलेंस चालकों की हड़ताल, मरीज परेशान
बागपत। कार्यदायी संस्था और अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य विभाग की 108 और 102 एंबुलेंस के चालक और टेक्निशियन हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने कहा कि अगर मांगे पूरी नहीं की गई तो आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को एंबुलेंस के चालक और टेक्निशियन कर्मचारियों ने जिला अस्पताल और कलक्ट्रेट में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न मांगों को लेकर वह काफी समय से आंदोलनरत है, लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। इससे एंबुलेंस चालकों व टेक्निशियन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग के नाम का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में दो माह का वेतन न मिलना, कंपनी द्वारा प्रदेशभर में तीस प्रतिशत आपातकालीन एंबुलेंस को नाइट ऑफ करना, पीएफ व ईएसआई का अंशदान समय पर जमा न करना, प्रदाता कंपनी द्वारा भर्ती के नाम पर चालक से 25000 व मेडिकल टेक्निशियन से 50000 रुपये का डीडी लेना, अधिकारियों द्वारा मौखिक रूप से फर्जी केस का दबाव बनाना, एंबुलेंस चलने की स्थिति में न होने पर भी केस कराने का दबाव बनाने, अनावश्यक ट्रांसफर करना, एंबुलेंस की संख्या के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती न करना, एंबुलेंस कर्मचारियों व सेवा प्रदाता कंपनी के मध्य अपर श्रमायुक्त के समक्ष हुए समझौते को निरस्त करते हुए ओवर टाइम तथा वेतन का भुगतान करने की आदि की मांग की गई है। मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विजय कुमार, दीलिप भदौरिया, रोहन सिंह, अवधेश कुमार, हरेन्द्र प्रताप, जुगल किशोर, प्रियांशु कुमार, राजू, नीरज कुमार मौजूद रहे।
एंबुलेंस न मिलने से परेशान हुए मरीज
एंबुलेंस चालक और टेक्निशियन कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत जच्चा-बच्चा को हुई। अस्पताल से हायर सेंटर करने वाले मरीज भी प्राइवेट वाहनों से अस्पताल पहुंचे। लोग एंबुलेंस को निरंतर फोन करते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। प्राइवेट वाहनों से ही मरीज चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचे।