- पिछले तीन साल से बढ़ा एनसीसी लेने का क्रेज, सेना व पुलिस में जाने का जज्बा
- नगर के कॉलेजों में करीब 300 लड़कियां ले रहीं प्रशिक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सेना व पुलिस में भर्ती होने का जज्बा बढ़ने से लड़कियों का पढ़ाई के साथ एनसीसी लेकर हथियार चलाना सीखने के प्रति क्रेज बढ़ा है। नगर के कई कॉलेजों में करीब 300 लड़कियां एनसीसी में परेड, हथियारों को खोलना, बांधने का प्रशिक्षण ले रही हैं।
नगर के दिगंबर जैन इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज, जनता वैदिक इंटर कॉलेज, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, वीर स्मारक इंटर कॉलेज में एनसीसी की पढ़ाई कराई जाती है। सभी जगह जूनियर व सीनियर डिवीजन में करीब 100 सीटें हैं। इनमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। दिगंबर जैन इंटर कॉलेज के सीनियर डिवीजन एनसीसी प्रभारी लेफ्टिनेंट ललित जैन ने बताया कि पहले के मुकाबले लड़कियों में एनसीसी करने का क्रेज बढ़ा है। जहां लड़कियों की सीटें भी फुल नहीं हो पाती थीं, वहां आज लड़कियां दाखिला देने के लिए प्रतीक्षा सूची में रहती हैं। एनसीसी करने के बाद सेना व पुलिस भर्ती में वरीयता दी जाती है। दो साल में ए सर्टिफिकेट व तीन साल में सी सर्टिफिकेट प्राप्त होता है।
-मुख्य रूप से यह सिखाया जाता है
एनसीसी प्रभारी लेफ्टिनेंट ललित जैन ने बताया कि एनसीसी में परेड, मानचित्र अध्ययन, बाधा दौड़, शूटिंग, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता एवं संस्कृति, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य समेत अन्य बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया जाता है।
-क्या बोली छात्राएं
एनसीसी में दाखिला लेने से अनुशासन में रहने की शिक्षा के साथ देश सेवा करने की प्रेरणा मिलती है, जिसकी वजह से एनसीसी की पढ़ाई कर रही हूं। खुशी
सेना व पुलिस में जाकर आज लड़कियां अपनी सेवा दे रही हैं। लड़कियां आज किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। केवल मार्गदर्शन की जरूरत है। -आकांशा
एनसीसी में बहुत कुछ सीखने को मिलता है, जो स्कूली पढ़ाई में नहीं है। वहां समाजसेवा करने के लिए भी अधिकारियों द्वारा प्रेरित किया जाता है। -प्रिया
पहले के मुकाबले एनसीसी में दाखिला लेने के प्रति लड़कियाें की रुचि बढ़ रही है। प्रशिक्षण लेने के बाद एक अलग ही जज्बा पैदा होता है। -सृष्टि