जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने किसान आंदोलन के सहयोग के लिए कानून साक्षरता यात्रा भी शुरू की
बिनौली (बागपत)। संस्कृत महाविद्यालय गुरुकुल, लाक्षागृह बरनावा परिसर में रविवार को गंगा जल बिरादरी और किसान मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में बैठक हुई। इसमें जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने तीनों नये कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि कानून के विरोध में देश की किसान यूनियन एकजुट हो गई हैं।
जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा नये तीनों कानून किसान के विरुद्ध है। अगर ये कानून लागू हो जाते हैं तो किसानी, जवानी और पानी नष्ट हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब इस देश की आत्मा अन्नदाता अपने साध्य को समझने लगता है तो उस साध्य को पाने के लिए जो साधना करता है, उसे आंदोलन कहते हैं। देश का स्वराज किसान ही बचा कर रख सकता है। किसान का स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता ही भारत की जीडीपी को गिरावट में बचा रहा है। किसानों का जो आंदोलन दिल्ली बार्डर पर चल रहा है, वह सत्याग्रह है। अब भारत का किसान धीरे धीरे संगठित हो रहा है। सारी किसानों की यूनियन एकजुट होकर समाधान ढूंढ रही हैं। उन्होंने कहा ये देश वर्तमान समय में चार लोगों के हाथों में हैं। जब इतनी बड़ा लोकतंत्र चार लोगों के हाथों में है तो फिर वो लोकतंत्र नहीं रहता और न ही उसमें लोगों की बात सुनी जाती है। इस दौरान उन्होंने किसान आंदोलन के सहयोग के लिए कानून साक्षरता यात्रा भी शुरू की। इस दौरान जल बिरादरी के कृष्णपाल सिंह, संजय राणा, मेजर हिमांशु, इब्राहीम खान, राज कुमार सांगवान आदि रहे।