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एक वर्ष में जिले को देंगे एयर क्लीनिंग टावर की सौगात

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बागपत। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मच गया था। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे लोग भी सकते में आ गए थे। तीसरी लहर को लेकर भी तरह-तरह ही आशंका जताई जा रही हैं। ऐसे में पर्यावरण के क्षेत्र में कई सालों से कार्य कर रहे डॉ. दिनेश बंसल जिले को एयर क्लीनिंग टावर की सौगात देने की तैयारी में लगे हैं। उनका कहना है कि इसके लिए कुछ प्रयास किए गए हैं। लेकिन अभी अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। करीब एक वर्ष में उनका यह प्रोजेक्ट तैयार होने की पूरी उम्मीद है। इससे लोग स्वच्छ हवा में सांस ले सकेंगे। हमारी कोशिश रहेगी कि आने वाली पीढ़ी को सांस लेने के गुणवत्तापूर्ण हवा मिल सके।
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ऑक्सीजन प्लांट से ज्यादा पेड़ जरूरी हैं
डॉ. दिनेश बंसल खुद भी कोरोना की चपेट में आ गए थे। कहते हैं कि देश में ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा कमी आ गई थी। अब जगह-जगह ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन प्लांट से ऑक्सीजन नहीं बनती है। यह तो वायुमंडल से ही गैस लेकर उससे ऑक्सीजन अलग कर देता है। ऑक्सीजन तो पेड़-पौधे ही बना सकते हैं। इसलिए पौधे ज्यादा जरूरी हैं। कम से कम कोरोना से ठीक होने वाले लोग अपने आसपास पीपल और बरगद के पेड़ अवश्य लगाएं और उनका संरक्षण भी करें।
पौधों के उपचार को दौड़ रही हरित प्राण ट्रस्ट की एंबुलेंस
संक्रमण के डर से लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं, वहीं हरित प्राण ट्रस्ट की एंबुलेंस जिले में बीमार और क्षतिग्रस्त वृक्षों के उपचार में लगी है। डॉ. दिनेश बंसल पेशे से जनरल सर्जन है। उन्होंने पांच वर्ष पूर्व अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर हरित प्राण ट्रस्ट का शुभारंभ किया और उनके पास उपचार पाकर स्वस्थ होने वाले मरीजों को पौधा भेंट करना शुरू किया। उनके पास लोगों को दिए प्रत्येक पौधे का ब्यौरा दर्ज है। अब तक उनके अभियान से जिले के दो हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके है। एंबुलेस प्रतिदिन जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पौधों को पानी देने के अलावा बीमार पौधों का उपचार और खाद व कीटनाशक का छिड़काव करती है।
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पौधरोपण कर लोगों को कर रहीं जागरुक
बागपत। नौरोजपुर गांव की शबनम त्यागी आठ साल से पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने 2013 में जिले में घटती हुई हरियाली को बचाने के लिए पौधरोपण करने की ठानी और अपने पति रोजूदीन त्यागी के साथ मिलकर जय भारत जन कल्याण सेवा ट्रस्ट का गठन किया। शबनम त्यागी स्कूल, कॉलेज, श्मशान घाट, मंदिर प्रांगण, गांवों की चौपालों के अलावा अलग-अलग स्थानों पर पौधरोपण कर चुकी है। वह पौधरोपण के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों और बच्चों को इसके बारे में जागरूक कर रही है। उन्होंने बताया कि वह अब तक दस हजार से अधिक पौधे रोप चुकी है।
वित्तीय वर्ष में रोपे जाएंगे 13 लाख पौधे
डीएफओ कल्याण सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष में शासन स्तर से वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया जा चुका है। जिले में वन विभाग को दो लाख 49 हजार और अन्य विभागों दस लाख पांच हजार 818 पौधों के रोपण का लक्ष्य मिला है। शासन के निर्देशानुसार जिले में पौधरोपण किया जाएगा।
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