योजनाएं कागजों में नहीं, खेतों तक पहुंचें
उन्होंने कहा कि कुटीर उद्योगों के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट और 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी है, लेकिन जानकारी के अभाव में किसान लाभ नहीं उठा पा रहे। तल्ख लहजे में उन्होंने कहा कि योजनाएं कागजों में नहीं, सीधे खेतों तक पहुंचनी चाहिए। गांव-गांव जागरूकता शिविर लगने चाहिए।
किसानों के लिए निशुल्क तकनीकी कोर्स
जयंत चौधरी ने बताया कि खेती में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किसानों के लिए 15 घंटे का निशुल्क कोर्स शुरू किया गया है, जिसमें आईटी विभाग और देश-विदेश की बड़ी कंपनियां जुड़ी हैं। इस कोर्स के बाद माइक्रोसॉफ्ट का प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
अंत में उन्होंने कहा कि किसान जागरूक होगा, संगठित होगा और तकनीक से जुड़ेगा, तभी खेती बचेगी। और जब खेती बचेगी, तभी देश बचेगा।