बागपत के बड़ौत क्षेत्र के एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म कर महिला को कुएं में लटकाने के मामले में एक बार फिर पुलिस ने खेल कर दिया। पीड़ित ने कहा पुलिस अफसरों ने जेल भेजने की धमकी देकर केस में समझौता करा दिया। इस दौरान गांव के भी तीन-चार लोग शामिल रहे है। समझौता नामा पर उसका अंगूठा लगवा लिया। माना जा रहा है पुलिस ने अपनी गर्दन फंसती देख यह काम किया है। क्योंकि महिला आरोप लगा चुकी है इस मामले में समझौता करने के लिए पंचायत हुई। इसमें तीन पुलिस वाले मौजूद थे। उनके सामने ही उसके पति को 20 हजार रुपये लेकर चुप बैठने की धमकी दी गई थी।
गांव में भट्ठे पर कार्य करने वाली पीड़ित महिला ने अपने पति के साथ सोमवार को एसपी दफ्तर पर पहुंचकर कहा 21 मई को भट्ठे के पास स्थित गन्ना क्रेशर में रहने वाले तीन लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसकी पिटाई की। इससे उसका दो माह का गर्भपात हो गया। इस मामले में पंचायत हुई । इसमें मेरे पति पर 20 हजार रुपये लेकर समझौते का दबाव बनाया। इस पंचायत में तीन पुलिस वाले भी उपस्थित थे। मना करने पर कुछ लोगों ने जान से मारने और दोबारा आबरू लूटने की भी धमकी दी थी। उसने एसपी से शिकायत की थी।
मामला सुर्खियों में आने पर पुलिस अफसर अपने बचाव के हथकंडे अपनाने लगे। पीड़ित महिला ने कहा पुलिस ने न मामले को दर्ज किया और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया। बल्कि बड़ौत थाने में पुलिस अफसरों ने उसे जेल भेजने की धमकी देकर गांव के तीन-चार लोगों के साथ मिलकर समझौतानामा पर अंगूठा लगवा लिया। इस घटना से वह इतनी आहत है कि वह कमरे से बाहर नहीं निकल पा रही है। वह सिर्फ इतना कह रही है कि उसे इंसाफ नहीं मिला है।
उधर, एसपी पूनम ने बताया पीड़ित महिला ने लिखकर दे दिया कि उसके साथ रेप की कोई घटना नहीं हुई है। कुएं में लटकाने और पंचायत की बात गलत है। महिला द्वारा पुलिस पर लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है।
मारपीट केस में कार्रवाई न करने पर बड़ौत पुलिस के खिलाफ बैठी जांच
बागपत। एसपी पूनम ने बताया महिला की रेप की शिकायत पर उन्होंने खुद जांच की। पता चला महिला का अपने परिजनों से 21 मई को सड़क पर घूमने को लेकर विवाद हो गया था। महिला की उन लोगों ने ही हिमायत की थी जिन पर रेप का आरोप लगा है। बाद में उनमें मारपीट हो गई थी। महिला ने बड़ौत कोतवाली में मारपीट की शिकायत की, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई लिखा पढ़ी नहीं की। जो पूरी तरह से गलत है। इस मामले में बड़ौत थाना पुलिस के खिलाफ जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई होगी।