फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निकाह के बाद पंचायत, दुल्हन बोली तलाक

Mon, 25 Jul 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दाहा
विज्ञापन
दाहा गांव के प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में आयोजित पंचायत में बोलते वक्ता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बारात की रुखसती के दौरान हुआ मामूली झगड़ा पहले पंचायत और फिर तलाक तक पहुंच गया। दाहा गांव में आठ घंटे चली पंचायत के बाद दोनों पक्षों में रिश्ता तोड़ने पर सहमति बन गई।
विज्ञापन


फैसले के बाद दूल्हे ने पंचायत से दुल्हन के मोबाइल पर कॉल की। पहले दुल्हन ने तीन बार तलाक बोला और इसके बाद सैकड़ों लोगों के बीच खड़े दूल्हे ने भी तीन बार तलाक...तलाक दोहराया। पंचायत के अनुसार सवा दो लाख रुपये शादी खर्च के तौर पर दुल्हन पक्ष को दिए जाएंगे।

दाहा गांव के समेदीन की बेटी मोहसिना का निकाह 21 जुलाई को भगवानपुर नांगल गांव निवासी सत्तार के बेटे आरिफ के साथ हुआ था। बारात की रुखसती की रस्म के दौरान दोनों पक्षों में मामूली बात को लेकर पहले कहासुनी और फिर मारपीट हो गई। तब गणमान्य लोगों ने बीच-बचाव कराया और दुल्हन को विदा करा दिया था, लेकिन कुछ घंटे बाद ही मायके पक्ष के लोग भगवानपुर पहुंचे और रात में ही मोहसिना को लेकर दाहा लेकर आ गए।
विज्ञापन


मोहसिना के परिजनों का आरोप है दूल्हे और उसके परिजनों ने मोहसिना को डराया धमकाया और कार की डिमांड की है। चार दिन तक यह मामला दोनों पक्षों में चलता रहा, लेकिन फैसला नहीं हो सका।  रविवार को दाहा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पंचायत बैठी। पंचायत में माइक तक की व्यवस्था करनी पड़ी।

इसमें टीकरी की चेयरमैन और बसपा नेत्री राजबाला चौधरी, दाहा से सुनील कुमार, चरण सिंह, धर्मपाल सिंह, रहीसुद्दीन, ऋषिपाल, शशिकांत, राजेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह, सुशील प्रधान, कल्लू खलीफा, रहीसू प्रधान बोपुरा, कय्यूम पहलवान, रोजूद्दीन, हनीफ, अख्तर, फैय्याज और रियाजूद्दीन समेत क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे। 

इस पंचायत में दुल्हन के चाचा यूसुफ ने अपना पक्ष रखा और विदाई से इंकार कर दिया। दूल्हे के पिता सत्तार ने खेद जताते हुए विदाई की मांग की। करीब आठ घंटे चली पंचायत में 21 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। रात में करीब नौ बजे दुल्हन को विदा नहीं करने और रिश्ता तोड़ने का फैसला किया। फैसले के बाद दूल्हे ने पंचायत से ही दुल्हन के मोबाइल पर कॉल की।

उधर से दुल्हन ने पहले तीन बार तलाश बोला, इसके बाद पंचायत में खड़े दुल्हे ने भी तलाक कह दिया। दाहा की प्रधान के पति सुनील कुमार ने फैसले की पुष्टि कर बताया दोनों पक्षों में आपसी सहमति के बाद ही पंचायत ने यह फैसला किया है। दोनों के बीच तलाश हो गया है। 

हाथ जोड़कर ले जाने आए हैं बेटी
पंचायत में दूल्हे के पिता सत्तार ने कहा बच्चों का झगड़ा था। वह हाथ जोड़कर बेटी को लेने आए हैं, किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

आरिफ बोला, कुछ नहीं बोलना
तलाक के बाद आरिफ का कहना था कि अब वह इस मामले में कुछ नहीं बोलेंगे। वह कुछ नहीं बोलना चाहता। पंचायत का फैसला सबके सामने हैं। जिसे जो करना है करें, वह चुप रहेगा। 

दो घंटे में ही कर दी थी परेशान
दुल्हन के चाचा यूसुफ ने कहा दो घंटे में ही ससुराल में उनकी बेटी को दुखी कर दिया। जिंदगी भर ये उसे कैसे खुश रख पाएंगे। पंचायत में फैसला होगा।

बिना बाप की बेटी है, नहीं करूंगी विदा
टीकरी की चेयरमैन राजबाला चौधरी ने दुल्हन की मां से उसके घर जाकर मामला जाना। दुल्हन ने साफ कहा वह कतई उस घर में नहीं जाएगी। दुल्हन की मां का कहना था कि बेटी के सिर पर बाप का साया नहीं है, अब वह अपनी बेटी को विदा नहीं कर सकती। उसकी बेटी को ससुराल में एक घंटे में ही परेशान कर दिया गया  था।

ये था मामला
दाहा गांव में 21 जुलाई को बारात की रुखसती के वक्त दूल्हे के मामा और दुल्हन के रिश्तेदारों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते जूतम-पैजार हो गई। बताते हैं कि दूल्हा भी झगड़े में कूद पड़ा, जिस कारण दुल्हन पक्ष नाराज है।

आरोप है कि दूल्हे और उसके भाई ने दुल्हन को भी भला-बुरा कहा। ससुराल पहुंचते ही दुल्हन ने मौका पाकर मोबाइल के जरिए इसकी सूचना मायके में दे दी। इस पर गांव के सैकड़ों लोग उसकी ससुराल पहुंचे और उसे लेकर दाहा चले आए। 

दुल्हन ने कहा ससुराल पहुंचते ही मांगी कार
दाहा। बारात की रुखसती पर झगड़ा हुआ। दो घंटे ससुराल में रही। चार दिन तक रिश्तेदार मनमुटाव दूर कराने में जुटे रहे। आठ घंटे पंचायत चली, लेकिन मोहसिना की एक ही जिद थी...अब ससुराल नहीं जाना। बोली मुझसे कार मांगी गई।

ससुराल में पहले कहा सामान तो खूब लाई हो, लेकिन कार भी लेकर आती तो बहुत ही बढ़िया रहता। तलाक के बाद मोहसिना और उसकी मां अनवरी ने बातचीत में बताया झगड़े में हमारी कोई गलती नहीं थी, लेकिन जिस तरह का व्यवहार किया गया वह बेहद दुखद रहा।  

विदाई के बाद ससुराल पहुंचने तक उस पर तंज कसे गए। ससुराल में वह करीब दो घंटे तक रही। आरोप है उससे कार की डिमांड की, जिस कारण उसका मन खट्टा हो गया। इस बीच उसने मोबाइल पर सारा हाल अपने घर बताया। यहां से रात में ही सैकड़ों लोग पहुंच गए और उसे विदा कर ले आए।

उधर, दूल्हे आरिफ का कहना है कि कहने को तो कोई कुछ भी कह सकता है, लेकिन हमने कोई दहेज नहीं मांगा। अपने कार क्या, किसी भी चीज की डिमांड नहीं की। हां झगड़ा जरूर हुआ था, जिस पर हम खेद भी प्रकट कर चुके थे। पंचायत ने जो फैसला किया वह सबके सामने है।

मौलाना ने कहा फोन पर तलाक मान्य
दाहा की जामा मस्जिद के मौलाना मोहम्मद फरमान का कहना है कि पंचों के बीच में फैसला हुआ है। दोनों पक्ष सहमत है। फोन पर दोनों ने एक-दूसरे की आवाज सुनकर और पहचानकर तलाक बोला है, यह मान्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें