- दिल्ली के दयालपुर थाना पुलिस की टीम ने हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर सरूरपुरकलां गांव के जंगल से शव बरामद किया
- क्लब संचालक महिला ने कुछ महीने पहले फैसल के साथ की थी कोर्ट मैरिज, पहली पत्नी और बच्चे होने का पता चलने पर हुआ था विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली के चांदबाग निवासी क्लब संचालिका तायबा (23) की उसके पति फैसल ने 20 नवंबर की रात में गोली मारकर हत्या कर दी। उसका शव कार में लाकर सरूरपुरकलां गांव के जंगल में फेंक दिया। दिल्ली के दयालपुर थाना पुलिस ने हत्यारोपी फैसल को गिरफ्तार कर पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर बुधवार रात को सरूरपुरकलां गांव के जंगल में ईंट भट्ठे के पास से शव बरामद किया।
दिल्ली के दयालपुर थाना पुलिस की टीम बुधवार देर रात हत्यारोपी फैसल को लेकर कोतवाली पहुंची। यहां आमद दर्ज कराने के बाद कोतवाली के पुलिसकर्मियों को लेकर फैसल की बताई जगह सरूरपुरकलां गांव के जंगल में ईंट भट्ठे के पास पहुंचे। वहां झाड़ियों में फेंका गया तायबा का शव बरामद किया, जिसकी सिर में गोली मारकर हत्या की गई थी। उसका यहां पोस्टमार्टम कराया गया तो सिर में गोली लगने की पुष्टि हुई। उसके शव को परिजन यहां से लेकर चले गए।
जांच अधिकारी दीक्षित त्यागी के अनुसार तायबा पार्टनरशिप में मौजपुर के हुक्का बार का क्लब चला रही थी। वहां उसकी मुलाकात कई महीने पहले फैसल के साथ हो गई और कुछ दिन पहले दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। कुछ दिन पहले तायबा को फैसल के पहले से ही शादीशुदा और दो बच्चे होने के बारे में पता चला। इसके बाद तायबा ने फैसल से दूरी बना ली। 20 नवंबर को तायबा क्लब गई थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। फोन पर थोड़ी देर बाद तायबा ने वापस आने की बात बताई और फिर उसका फोन बंद कर दिया गया। अगले दिन दयालपुर थाने में तायबा की गुमशुदगी दर्ज कराई।
रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में भी तायबा के साथ फैसल नजर आया था, लेकिन उसके बाद से तायबा के बारे में कुछ पता नहीं चला। दयालपुर थाना पुलिस ने फैसल से पूछताछ की तो उसने 20 नवंबर की रात में ही तायबा की गोली मारकर हत्या करने के बारे में बताया। तायबा सात भाई बहनों में चौथे नंबर की थी। पुलिस के अनुसार दिल्ली पुलिस ही इसमें कार्रवाई कर रही है।
छह दिन तक झाड़ियों में पड़ा रहा शव
सरूरपुरकलां गांव के जंगल में ईंट भट्ठे के पास झाड़ियों में तायबा का शव छह दिन तक पड़ा रहा, लेकिन वहां से गुजरने वाले राहगीरों को इसके बारे में पता नहीं चला। देर रात शव मिलने का पता चलने पर ग्रामीण भी चौंक गए। ग्रामीणों ने बताया कि झाड़ियों के आसपास से रोजाना कई लोग गुजरते हैं।
पहले भी बागपत में ठिकाने लगाए जा चुके हैं शव
दिल्ली, हरियाणा, नोएडा और गाजियाबाद में हत्या करने के बाद जिले में पहले भी कई शवों को ठिकाने लगाया जा चुका है। इनमें कई की पहचान नहीं होने के कारण उनकी हत्या की गुत्थी भी सुलझ नहीं पाई। इसके अलावा नोएडा की मनीषा की हत्या करने के बाद सिसाना में शव जला दिया गया था। पाली गांव में भी युवती का अधजला शव मिला था। काठा गांव के जंगल में भी कई शव मिल चुके हैं, जिनकी पहचान नहीं हुई।
दिल्ली में दूसरी पत्नि की हत्या की खबर से संबंधित फोटो। मृतक तायबा की फाइल फोटो। स्रोत:परिजन- फोटो : samvad