बागपत के बड़ौत में रविवार की देर शाम आई बारिश और तेज आंधी बाद आई आफत अब तक समाप्त नहीं हो पाई है। हालत यह है कि जनपद में अब भी दो से ढाई हजार विद्युत पोल जमीन छू रहे हैं। इस कारण सैकड़ों गांवों की विद्युत सप्लाई ठप है। उधर, निगम के अधिकारियों को मजदूर नहीं मिलने से टूटे खंभों को ठीक कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, समस्या को लेकर लोग आए दिन विद्युत कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। समाधान नहीं होने के चलते उनमें बिजली विभाग के अफसरों के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
अप्रैल माह की शुरुआत से ही गर्मी ने रौद्र रूप धारण कर लिया था। तापमान 32 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। गर्मी से लोगों का बुरा हाल हो गया था। इस कारण उन्होंने घरों से निकलना भी कम कर दिया था। रविवार देर शाम आई बारिश जहां लोगों के लिए राहत लेकर आई, वहीं तेज आंधी के बाद आई आफत से अब तक निजात नहीं मिल सकी है। आंधी से पूरे जनपद में दो से ढाई हजार विद्युत पोल टूट गए थे। ये अब भी जमीन छू रहे हैं।
इस कारण लुहारी, बिजरौल, दोघट, दाहा, बामनौली, ट्यौढी, खेड़ी प्रधान, सरूरपुर, बोहला, ढिकाना, वाजिदपुर, औसिक्का, बाम, बावली सहित सैकड़ों गांवों की विद्युत सप्लाई ठप है। एक्सईएन प्रथम किताब सिंह व एक्सईएन द्वितीय राकेश वार्ष्णेय ने बताया कि आंधी से विभाग को करीब 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
टूटे खंभों को मजदूरों की कमी के चलते अब तक ठीक नही कराया जा सका है। उधर, विद्युत समस्या को लेकर आए दिन लोग विद्युत कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद भी समस्या हल न होने से उनमें आक्रोश पनप रहा है। लोगों ने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।