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Baghpat News: सभासद से नोकझोंक होने पर ईओ बोले गुंंडागर्दी दिखाई तो इलाज कर दूंगा

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बागपत। नगर पालिका परिसर में शनिवार को आउटसोर्स कर्मियों ने वेतन नहीं मिलने पर सभासद संजय रुहेला के साथ धरना शुरू कर दिया। वहां पालिका के ईओ केके भड़ाना आए तो सभासद संजय रुहेला के साथ उनकी नोंकझोक हो गई। ईओ ने चेयरमैन राजुद्दीन एडवोकेट के सामने सभासद संजय रुहेला को फटकार लगाते हुए कहा कि यहां गुंडागर्दी की तो इलाज कर दूंगा। ईओ ने सभासद पर एसआईआर का काम कर रहे कर्मियों को जबरदस्ती धरने पर लाने और उनके नहीं आने पर लाइट काटने का आरोप लगाया।
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वेतन दिलाने की मांग को लेकर शनिवार को नगर पालिका परिसर में कर्मी और सभासद धरने पर बैठे हुए थे, तभी वहां आए ईओ ने सभासद संजय रुहेला से धरना देने के कारण के बारे में पूछा तो उन्होंने कर्मियों का तीन महीने का वेतन जारी नहीं होने की समस्या बताई। इसको लेकर वहां हंगामा खड़ा हो गया। वहां आए पुलिसकर्मियों ने मामला शांत कराया। इस मामले में ईओ केके भड़ाना ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश पर आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन की फाइल पर 27 फरवरी को हस्ताक्षर करके चेयरमैन को भेज दी थी, लेकिन चेयरमैन ने हस्ताक्षर नहीं किए।
उन्होंने कहा कि चेयरमैन के कहने पर सभासद कर्मियों को लेकर धरने पर बैठे। शनिवार को कार्यालय में एसआईआर का काम कर रहे कर्मियों को सभासद ने जबरदस्ती धरने पर लाने का प्रयास किया और धरने पर नहीं आने पर कर्मियों को अंजाम भुगत लेने की धमकी भी दी। इसके बाद नगर पालिका की बिजली काट दी गई, जिससे एसआईआर का काम बाधित हो गया। उन्होंने कहा कि चेयरमैन के स्तर से वेतन नहीं मिल पा रहा, उनके हस्ताक्षर होते ही वेतन जारी हो जाएगा। इस मामले में शनिवार शाम एसडीएम ने भी वहां पहुंचकर मामले की जानकारी हासिल की।
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-सभासद बोले, जल्द दिया जाए कर्मियों का वेतन
सभासद संजय रुहेला ने कहा कि कर्मियों का वेतन दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए थे, तभी ईओ ने वहां आकर अपशब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी। जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार ठीक नहीं है। जल्द ही उच्चाधिकारियों से इस मामले की शिकायत की जाएगी।
-14 कर्मियों को हटाकर फाइल बनाएं, तभी कर दूंगा हस्ताक्षर : चेयरमैन
चेयरमैन राजुद्दीन एडवोकेट का कहना है कि मेरे सामने पूरा मामला हुआ है, अगर मैं हस्तक्षेप करता तो वहां विवाद बढ़ जाता। डीएम, कमिश्नर, मुख्यमंत्री के यहां नगर पालिका में 14 फर्जी कर्मियों का वेतन निकालने की शिकायत की थी। शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच भी बैठा दी गई है। ईओ ने जो फाइल बनाकर भेजी है, उनमें अन्य कर्मियों के साथ उन 14 कर्मियों का नाम भी शामिल किया गया है। 14 फर्जी कर्मियों की वजह से फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। 14 कर्मियों के नाम हटाकर वेतन की फाइल बनाकर भेजी जाएगी तो तुरंत ही हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे।
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