न्यायिक कार्यों से विरत रहे अधिवक्ता, मांगी सुरक्षा
बागपत। अधिवक्ताओं के उत्पीड़न और हत्याओं के विरोध में उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के आह्वान पर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत होकर अपनी समस्याएं रखीं। साथ ही कहा कि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।
बृहस्पतिवार को जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह तोमर और महामंत्री आजाद सिंह धामा के नेतृत्व में अधिवक्ता जिला बार हॉल के सामने एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में अधिवक्ताओं के साथ लगातार आपराधिक वारदातें हो रही हैं। नृशंस हत्याओं के मामले में अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अधिवक्ताओं के परिवारों को जान का खतरा है। उन्होंने मांग रखी कि ऐसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। परिवार को सुरक्षा और 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके अलावा 70 वर्ष आयु तक अधिवक्ताओं के आश्रितों को पांच लाख का भुगतान के लिए फंड जारी किए जाएं। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाकर लागू कराया जाए। न्यायालयों की चारदीवारी बनाई जाए, इसके अलावा समुचित सुरक्षा व्यवस्था की जाए। ताकि न्यायालय परिसर में हो रही हत्या की वारदातों को रोका जा सके। अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो प्रदेश बार कौंसिल के नेतृत्व में आरपार की लड़ाई होगी। उधर, अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण फरियादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर, देवेंद्र आर्य, सतेंद्र खोखर, नरेंद्र पंवार, रामअवतार शर्मा, संजय पंवार, संजय गौड़, नरेंद्र मान, राशिद तस्लीम, विजय श्री, सीमा ठाकुर, प्रदीप नैन, जितेंद्र कुमार, लोकेंद्र तोमर, महेंद्र बंसल, सतेंद्र दांघड़, अजित सिंह, योगेंद्र सिंह मौजूद रहे।