बड़ौत। पीपीई मॉडल (व्यक्तिगत सुरक्षा प्रणाली) के विरोध में अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को चेंबर बंद कर धरना दिया। इनके समर्थ में दस्तावेज लेखक, टाईपिस्ट, स्टांप वेंडर भी आए। पीपीई मॉडल के वापस होने तक तहसील में धरना जारी रखने की चेतावनी दी।
चेंबर बंद रहने से तहसील में कामकाज ठप रहा। अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय में कोई काम नहीं होने दिया। सत्यपाल मान, ईश्वर सिंह, सत्यपाल पंवार, धर्मवीर सिंह समेत अन्य अधिवक्ताओं ने कहा कि पीपीई मॉडल योजना को लाना सरकार की तानाशाही हैं। सरकार को यह नहीं पता कि इसके लागू होने से तहसील में काम करने वाले कितने लोग बेरोजगार हो जाएंगे। जबकि सरकार को लाभकारी योजना को लागू करना चाहिए। ताकि जनता को योजना का लाभ मिल सके। लेकिन इसके विपरीत योजना को लाने का प्रयास किया गया है। इस मौके पर गुलशन मौर्य, प्रदीप कुमार, विनोद जैन, हरीश दांगी, अमित वशिष्ठ, अक्षय कुमार आदि उपस्थित रहे।