डीएम स्मिता लाल ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच बैठाई थी। इसके लिए बनाई गई समिति में एडीएम सुभाष सिंह, एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह, लोनिवि के एक्सईएन, अग्निशमन विभाग समेत अन्य अधिकारी शामिल किए गए। इसमें एडीएम सुभाष सिंह व एएसपी एनपी सिंह ने पहले आयोजकों व हादसे के पीड़ितों के बयान लिए।
इसके बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं बन सकी, जबकि मजिस्ट्रेटी जांच की रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के लिए कहा गया था। समिति के मुख्य सदस्य एडीएम सुभाष सिंह की ड्यूटी महाकुंभ में लगी तो वह वहां चले गए। इस कारण जांच रिपोर्ट अटक गई थी और घटना के सवा महीने बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं दी जा सकी है। अब एडीएम सुभाष सिंह ने महाकुंभ से सोमवार को लौटते ही रिपोर्ट बनाने का कार्य शुरू करा दिया। इस तरह जल्द ही मजिस्ट्रेटी जांच डीएम को सौंपी जा सकती है।
बल्लियां ठीक नहीं लगने व कई लोगों की लापरवाही से हुआ हादसा
मजिस्ट्रेटी जांच में अभी तक सामने आया है कि मचान को रोकने के लिए बल्लियां ठीक से नहीं लगाने के कारण वह गिर गया और इससे हादसा हो गया। वहां कुछ बल्लियां गीली मिट्टी में लगा दी गईं तो कुछ ड्रम में मिट्टी भरकर उसमें खड़ी कर दी गईं। इस तरह से वहां लापरवाही की गई थी। इसमें लापरवाही भी केवल एक ठेकेदार की नहीं है, बल्कि अन्य कई लोगों की लापरवाही सामने आई है। इन सभी पर शिकंजा कसा जा सकता है।
निर्वाण महोत्सव हादसे की जांच रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है जो जल्द ही सौंप दी जाएगी। इसमें किसकी लापरवाही है, यह समिति में शामिल सभी सदस्यों की पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ किया जाएगा। -सुभाष सिंह, एडीएम