बागपत कलक्ट्रेट के आवासीय परिसर स्थित निर्माणाधीन मंदिर के विवाद के विरोध की गाज कलक्ट्रेट के नाजिर और अपर सांख्यिकी अधिकारी पर गिर गई। डीएम ने दोनों ही कर्मचारियों को कलक्ट्रेट से हटा दिया है। नाजिर को बड़ौत तहसील भेजा गया है, जबकि अपर सांख्यिकी अधिकारी को विकास भवन भेजा।
निर्माणाधीन मंदिर का विवाद अब चरम पर पहुंच गया है। मंदिर के निर्माण को लेकर आपत्ति करने पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. एसपी यादव और जिला पंचायत सदस्य और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने नाजिर माशा अल्ला पर मंदिर निर्माण का विरोध करने, सांप्रदायिकता फैलाने, कलक्ट्रेट में दो-दो पद नाजिर और प्रशासनिक अधिकारी का कब्जाने का आरोप लगा जिलाधिकारी हृदय शंकर तिवारी को शिकायत की थी।
इसी मुद्दे को लेकर अपर सांख्यिकी अधिकारी पीके कौशिक और आवासीय परिसर में रहने वाले एक अन्य कर्मचारी की आपस में मारपीट भी हुई। न्यायिक कर्मचारी ने पीके कौशिक पर जादू टोना करने का आरोप लगाते हुए डीएम से माशा अल्ला और पीके कौशिक की शिकायत की।
डीएम ने दोनों ही कर्मचारियों को कलक्ट्रेट से हटा दिया। नाजिर माशा अल्ला को बड़ौत तहसील का प्रशासनिक अधिकारी पद पर स्थानांतरित कर दिया। उनके स्थान पर डीएम के पेशकार जावेद अख्तर को प्रशासनिक अधिकारी बनाया। इसके अलावा अपर सांख्यिकी अधिकारी पीके कौशिक को जिला अर्थ संख्या अधिकारी कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया। डीएम ने आदेश तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी हृदय शंकर तिवारी ने बताया अपर सांख्यिकी अधिकारी पीके कौशिक का स्थानांतरण काफी पहले हो चुका था, लेकिन अभी तक उन्हें कलक्ट्रेट से चार्ज मुक्त नहीं किया था। आज उन्हें यहां से रिलीव कर दिया । जबकि नाजिर माशा अल्ला को सामान्य स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत स्थानांतरित किया।