बागपत। राष्ट्र वंदना चौक के पास सिंडिकेट बैंक वाले भवन पर कब्जा करने के लिए फर्जीवाड़ा करने के आरोपी ओमप्रकाश निवासी पुराना कस्बा को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर भवन को अवैध रूप से अपने नाम कराने के प्रयास से जुड़ा है। गिरफ्तारी के बाद ओमप्रकाश को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
दिल्ली के जनकपुरी निवासी नाथू सिंह ने बागपत कोतवाली में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि राष्ट्र वंदना चौक के पास स्थित उनके भवन में सिंडिकेट बैंक संचालित था, जो बाद में केनरा बैंक में विलय हो गया। यह भवन वर्ष 1974 में बिजली का कनेक्शन लेकर किराए पर दिया गया था। बैंक ने फरवरी 2025 में भवन खाली कर उन्हें सौंप दिया था। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने उनके भवन पर कब्जा करने के लिए लाली देवी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किया। इस प्रमाणपत्र को क्यूआर कोड पर स्कैन करने पर जिंदी बेगम का नाम दर्शा रहा था। इसी फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर भवन को अपने नाम कराने का प्रयास किया गया।
भवन पर कब्जा करने के दौरान केयर टेकर अंजू निवासी सूजरा के साथ अभद्रता भी की गई। पुलिस ने इस मामले में ओमसिंह निवासी पुराना कस्बा बागपत, सतपाल निवासी न्यू तारानगर सोनीपत, काजानी निवासी विजय नगर नई दिल्ली, महेंद्र, सुरेश, संजय निवासी दिल्ली, गुड्डो, दीपक, अंजलि निवासी चमरावल मार्ग बागपत, धर्मराज, प्रवीण भारती, रेनू, सुरेंद्र निवासी दिल्ली, राकेश निवासी आदर्श कॉलोनी बागपत और अजयवीर निवासी अहैड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जांच अधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।