- एडीजे पंचम कृष्ण कुमार सिंह की अदालत में हुई प्रकरण की सुनवाई
- बिनौली थाना क्षेत्र के जौहड़ी गांव में छह साल पहले की गई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। बिनौली थाना क्षेत्र के जौहड़ी गांव में छह साल पहले अनुसूचित जाति के किशोर की कुकर्म के बाद गला रेतकर हत्या के मामले में आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ। एडीजे पंचम कृष्ण कुमार सिंह की कोर्ट में मामले की सुनवाई की गई। सजा के प्रश्न पर छह अक्तूबर को सुनवाई तय की गई है।
एडीजीसी राजीव तोमर और अनुज ढाका ने बताया कि नौ मार्च 2014 को जौहड़ी गांव से एक किशोर संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। दस मार्च को गांव के ही घर से किशोर का गला कटा शव बरामद हुआ था। मृतक के चाचा ने गांव के पास के ईंट भट्टे के चौकीदार खेड़ा हटाना गांव निवासी कर्मवीर और उसके दो साथियों के खिलाफ हत्या, एससी/एसटी और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुकर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने जांच कर कर्मवीर और कुलदीप के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई एडीजे पंचम कृष्ण कुमार सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने अभियुक्त कर्मवीर पर दोष सिद्ध किया है। सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए छह अक्तूबर की तिथि तय की गई है।
किशोर को दिया था दस रुपये का लालच
बागपत। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने किशोर को दस रुपये का लालच दिया था। किशोर बहकावे में आकर उसके साथ चला गया था। किसी ग्रामीण ने किशोर को अभियुक्त के साथ जाते हुए देख लिया था। पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद पूरी वारदात का खुलासा हुआ था।
इन्हें मिल गई राहत
बागपत। इस वारदात में जांच के घेरे मेें आए तीन लोगों को राहत मिल गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता जयवीर सिंह तोमर ने बताया कि साक्ष्यों के अभाव में कुलदीप को अदालत ने बरी कर कर दिया। इसके अलावा सत्तू और धर्मवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, उनके नाम भी पुलिस जांच में निकाल दिए गए थे।