समय पर नहीं मिल रही खतौनी और प्रमाण पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। शासन ने लेखपालों को गांवों का सर्वे कर संपत्ति कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। लेखपाल संपत्ति कार्ड बनाने में जुटे हुए, जिससे उनके अन्य कार्य प्रभावित हो रहे है। लोगों को खसरा और खतौनी और प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
जिले भर में लोगों के संपत्ति कार्ड बनाने के सर्वे चल रहा है। लेखपाल गांवों में ड्रोन कैमरे से सर्वे कर संपत्ति कार्ड बनाने में जुटे हुए है। इसके चलते लोगों के अन्य कार्य नहीं हो पा रहे है। खसरा-खतौनी और आय, जाति और मूल निवास प्रमाण बनवाने के लिए आने वाले आवेदकों को तहसील के चक्कर लगाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इसके अलावा गांवों में चकरोड, नाली और नालों की सफाई की समस्याओं का समाधान भी नहीं हो पा रहा है।
नहीं हो रहा गांव की समस्याओं का निस्तारण
बागपत। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष भारत भूषण का कहना है कि संपत्ति कार्ड का कार्य चलने के कारण काफी कार्य प्रभावित हो रहे है। लेखपाल आईजीआरएस की शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं कर पा रहे और गांवों में चकरोड व नाली संबंधी शिकायतें लंबित पड़ी हुई है।
अधूरे पड़े है तहसील स्तर के कार्य
बागपत। लेखपाल संघ के महामंत्री विवेक शर्मा का कहना है कि संपत्ति कार्ड बनाने का कार्य मिलने के बाद लेखपाल तहसीलों में पूरा समय नहीं दे पा रहे है। इसके कारण आय, जाति और मूल निवास संबंधी कार्य पूरे नहीं हो पा रहे है। लोगों को खसरा-खतौनी समय पर नहीं मिल पा रही है। सर्वे के उपरांत कार्यालय में अतिरिक्त समय देकर अन्य कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।