कोरोना संक्रमण : कई मेडिकल स्टोरों पर स्टॉक हुआ खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना की दूसरी लहर में दवाओं के साथ ही कई सर्जिकल सामान की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। इनकी मांग बढ़ने से कीमत काफी ज्यादा बढ़ गई है। पल्स ऑक्सीमीटर, नेबुलाइजर, डिजिटल थर्मामीटर और ग्लूकोमीटर की स्ट्रिप में दोगुने से ज्यादा का अंतर आ गया है। कई दुकानों पर तो इनका स्टॉक भी खत्म हो गया है। मौके का फायदा उठाकर कई दुकानदारों ने रेट बहुत ज्यादा बढ़ा दिए हैं।
कोरोना के संक्रमण काल में कई दवाएं महंगी हो गई है। इनमेें विटामिन सी और डी की गोलियां भी शामिल हैं। विटामिन सी का जो पत्ता पहले 14 रुपये का आता था, वो अब 22 से 30 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह विटामिन डी की गोलियों का पत्ता भी महंगा बिक रहा है। इसके अलावा कई दवाइयों के दामों अत्यधिक वृद्धि हो चुकी है।
सबसे ज्यादा मांग पल्स ऑक्सीमीटर की है। यह चीन से आयात होता है, मांग ज्यादा होने के कारण इसकी कीमतों में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हो गया। यही हाल डिजिटल थर्मामीटर और ग्लूकोमीटर का भी है। इसके साथ ही इंफ्रारेड थर्मामीटर, नेबुलाइजर, ब्लड प्रेशर मॉनीटर व ग्लूकोमीटर में इस्तेमाल होने वाली स्ट्रिप की कीमतों में भी अंतर आया है। इधर कोरोना काल में लोगों ने अपने घरों में ही जांच के लिए जरूरी उपकरण खरीदने शुरू कर दिए। बाजार में मांग बढ़ी तो स्टॉक कम होता गया।
उत्पाद के दाम पहले और अब
डिजिटल थर्मामीटर 100 250
पल्स ऑक्सीमीटर 700 2000
ग्लूकोमीटर स्ट्रिप 250 400 (25 स्ट्रिप का डिब्बा)
इंफ्रारेड थर्मामीटर 850 1500
बीपी मॉनिटर मशीन 900 2500
अधिकांश लोगों ने अपने घरों में ही सभी सामान रखने शुरू कर दिए, इससे मांग बढ़ी। माल की कीमतें कंपनियां ही बढ़ा कर भेज रही हैं। अब तो मार्जिन भी काफी कम हो गया है। प्रतिस्पर्धा के कारण हम भी अब रेट टू रेट बेचने को मजबूर हैं।
- सुरेंद्र कुमार, विक्रेता सर्जिकल उत्पाद।