बड़ौत। बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर शाम सात बजे के बाद बड़ौत डिपो रोडवेज बसों के पहिये थम जाते हैं। इस कारण यात्रियों को या तो निजी वाहनों से गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है या फिर डग्गामार वाहन का सहारा लेते हैं। उधर, यात्रियों की समस्या पर रोडवेज अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
विभागीय रिकाॅर्ड के अनुसार बड़ौत डिपो के पास 113 निगम और 45 अनुबंधित बसें संचालित हैं। इनमें से 35 बसों का संचालन मुजफ्फरनगर की ओर होता है, लेकिन इन बसों में अधिकांश की सेवा आपको केवल दिन के समय ही मिल सकती है, क्योंकि शाम होते ही बसों के पहिये थम जाते हैं। इस कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शाम के समय यात्री गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेते हैं।
यात्रियों में नितिन, आदित्य, पुष्पेंद्र, आजाद आदि का कहना है कि शाम सात बजे के बाद इस मार्ग पर बस सेवा बंद हो जाती है। ऐसे में यात्रियों को शाम के समय काफी दिक्कत होती है। डग्गामार वाहन यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते है और उनसे दोगुना किराया वसूलते हैं।
वर्जन-
कुछ यात्रियों की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामला दिखवाया जाएगा। मार्ग का सर्वे कर बसों के संचालन का समय बढ़ा दिया जाएगा। - प्रमोद कुमार बस संचालन प्रभारी बड़ौत डिपो