बागपत। चौगामा क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है। क्षेत्र में 1978 में शुरू हुआ चौगामा नहर का निर्माण 43 साल बाद भी अधूरा है। क्षेत्र का भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। इसकी रोकथाम के लिए कारगर प्रयास नहीं किए गए हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के विकास के लिए पूर्व में की गई घोषणाओं पर भी अमल नहीं किया गया है। वहीं, जनप्रतिनिधियों के उपेक्षापूर्ण रवैये को लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष है।
वर्ष 1978 में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने चौगामा नहर के निर्माण का कार्य शुरू कराया था। तब कई किसानों ने अपनी कीमती जमीन नहर के निर्माण के लिए निशुल्क दी थी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी नहर का निर्माण अधूरा है। 2017 में भड़ल में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह व सांसद सत्यपाल सिंह ने क्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएं की थीं। चार साल बीतने के बाद भी नहर में पानी नहीं आया है। इसकी सफाई के नाम पर लाखों रुपये डकार लिए गए।
क्षेत्र का भूजल स्तर 150 फीट नीचे चला गया है। इसे रोकने के लिए आज तक कोई कारगर योजना तैयार नहीं की गई। इसके अलावा दाहा को ब्लॉक बनाने, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज को डिग्री कॉलेज बनाने, चौगामा क्षेत्र में प्रस्तावित गन्ना समिति, मिल लगवाने के अतिरिक्त स्टेडियम बनवाने की मांग लंबे समय से चल रही है। विधायक वीरपाल राठी ने दाहा में ब्लॉक व दाहा में कन्या डिग्री कॉलेज का प्रस्ताव तैयार कराया था, जो शासन स्तर पर लंबित है। क्षेत्र में संपर्क मार्ग व सड़कें खराब हो चुकी हैं। क्षेत्र निवासी जगपाल सिंह, राजपाल शास्त्री, वायरन पंवार, पप्पन राणा, आनंद छिल्लर, सत्यवीर राठी, तेजपाल राणा, प्रियव्रत राणा, मिंटू सहरावत ने सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह व विधायक सहेंद्र सिंह से क्षेत्र के विकास के लिए समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।