बड़ौत (बागपत)। बावली के युवक मोहित को जनवरी 2021 में पकड़कर अवैध रूप से हिरासत में रखने और फर्जी मामले में जेल भेजने के मामले में आठ पुलिस कर्मियों पर मुकदमा हुआ है। इनमें बड़ौत कोतवाली के तत्कालीन थाना प्रभारी अजय शर्मा, एसआई मुकेश, हेड कांस्टेबल वरुण वीर सिंह, कांस्टेबल हरीश कुमार, अंशुल कुमार, अजीत सिंह, रोहित भाटी, देवेश शामिल हैं।
बावली की पट्टी गोपी की रहने वाली सरोज ने न्यायालय में एक फरवरी 2021 को याचिका दायर करते हुए बताया कि गांव की सुनीता से उनका विवाद चल रहा है। सुनीता का एक मकान बड़ौत में सीओ कार्यालय के पास है और इसलिए उनकी पुलिस वालों से जान पहचान है। इसलिए पुलिस वालों के साथ मिलकर उनके बेटों को फंसाने का प्रयास किया गया।
उनके घर पर 12 जनवरी 2021 को कांस्टेबल मोहित व रंजन आए और बेटे के बारे में पूछताछ करने लगे। सुनीता व पुलिस के खिलाफ की गई शिकायतों की जानकारी भी करने लगे और कुछ देर बाद वहां से चले गए। इसके बाद 14 जनवरी को वह अपने बेटे अमित के साथ खेत में जा रही थी। गांव से बाहर की तरफ जाते ही बेटे को बड़ौत पुलिस उठाकर ले गई।
उनका आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी अजय शर्मा, एसआई मुकेश, हेड कांस्टेबल वरुण वीर सिंह, कांस्टेबल हरीश कुमार, अंशुल कुमार, अजीत सिंह, रोहित भाटी, देवेश ने उनके बेटे को उठाया था। उसने पुलिस वालों से बेटे को उठाने के बारे में पूछा तो उनको बताया कि थाने पर लेकर जाना पड़ेगा और पूछताछ करके छोड़ देंगे।
वह थाने पर गई तो उसके बेटे को नहीं छोड़ा गया और अभद्रता की गई। उसे अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और थाने से नहीं जाने पर बेटे का एनकाउंटर करने की धमकी दी गई। उनके बेटे को 19 जनवरी तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। आरोप है कि 19 जनवरी को उनके बेटे अमित की निशानदेही पर घर से पांच ट्रेक्टर, एक ट्रॉली बरामद दिखाकर चोरी के फर्जी मुकदमे में चालान कर दिया गया।
यह मामला तभी से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में चल रहा था और इसमें न्यायाधीश रत्नम श्रीवास्तव ने 16 सितंबर को पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। न्यायालय के आदेश पर बुधवार रात को बड़ौत कोतवाली में सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।