बालैनी (बागपत)। सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल के पिता धर्मपाल चौधरी पर लगे दरोगा अशोक कुमार को धमकाने के आरोप के मामले में रविवार को मवी कलां गांव में पंचायत हुई। इसमें दरोगा की हिमायत करते हुए ग्रामीणों ने मांग की कुलदीप उज्ज्वल और उनके पिता के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। यह भी तय किया इस मामले की शिकायत मानवाधिकार और अनुसूचित जाति - जनजाति आयोग में की जाएगी।
पंचायत में शामिल लोगों ने कहा गोकशी गंभीर अपराध है। ऐसा घिनौना काम करने वालों की पैरवी करना शर्मनाक है। दरोगा अशोक कुमार सही कार्रवाई कर रहे थे। धर्मपाल ने सत्ता की हनक में उनके साथ बदसलूकी की। इस मौके पर जोगेंद्र वैदिक, अशोक आर्य, मंगल सिंह, हरिओम, सोविंद्र पाल, करतार सिंह, श्योराज, उदयभान, मनोज, राज सिंह, चंद्रभान, संजय, विजेंद्र, महेश, नीरज, राजीव आदि रहे।
उधर, इस पंचायत के बारे में सवाल किए जाने पर कुलदीप उज्ज्वल ने फोन पर कहा जिन लोगों ने साजिश के तहत गोकशी के प्रयास का फर्जी केस दर्ज करवाया, वे ही अब पंचायत कर रहे हैं। अब तो बिल्कुल साफ हो गया है मुकदमा फर्जी था। इसके पीछे एक अल्पसंख्यक परिवार को गांव से निकालने की साजिश है।
सराहनीय सेवा सम्मान पा चुके अशोक कुमार
बालैनी (बागपत)। सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल के पिता धर्मपाल चौधरी के खिलाफ जीडी में तस्करा लिखकर चर्चा में आए दरोगा अशोक कुमार मूल रूप से बिजनौर की धामपुर तहसील के गांव हर्रा के रहने वाले हैं। 1988 में सिपाही भर्ती हुए थे। उन्हें 26 जनवरी 2010 को मुरादाबाद में सराहनीय सेवा सम्मान मिला। नवंबर 2013 में प्रमोशन पाकर दरोगा बने। बालैनी थाना में दरोगा के रूप में पहली पोस्टिंग मिली। उनके तीन बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा विकास कुमार अध्यापक है। उससे छोटा विवेक पीएसी 38 बटालियन अलीगढ़ में सिपाही है। तीसरा बेटा विनीत पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा है। बेटी शिवानी बीए में पढ़ती है।