बागपत। पूरे जिले में प्रशासन ने सफाई अभियान चलाया, लेकिन शहर का मुख्य द्वार होली चौक कूड़ा दान बन गया है। शहर की गंदगी यहां लाकर डाली जा रही है। सुबह 10 बजे से पहले और शाम को 7 बजे के बाद यहां गंदगी का ढेर लगा दिया जाता है। जबकि होली चौक पर ही फलों की ठेलियां एवं दुकानें लगीं हैं, सब्जी की प्रमुख दुकानें भी यहीं हैं। जबकि शहर के लोग इस प्वाइंट पर कूड़ा नहीं चाहते।
व्यापारी नंद लाल डोगरा ने कहा पालिका प्रशासन कहीं भी आसपास जगह तलाश कर कूड़ादान रखवा सकता है। शहर का सौंदर्यीकरण करने की बजाय, उसे और गंदा किया जा रहा है, यहां पर कूड़े को डलना बंद होना चाहिए।
समाजसेवी रघुवीर चौहान ने कहा होली चौक पर कूड़ा शहर के लिए कलंक बन गया है। शहर का मुख्य द्वार यही है। बाहरी व्यक्ति के शहर में प्रवेश करते ही बागपत की छवि उसके मन में खराब बन जाती है। उन्होंने डीएम से भी यहां कूड़े का डलाव बंद कराने की मांग की।
व्यापारी एवं सभासद संजय रोहेला के अनुसार प्रवेश द्वार पर हर व्यक्ति सफाई चाहता है, लेकिन बागपत का पालिका अपने शहर में प्रवेश द्वार को ही गंदा करा रही है। पालिका बैठक में इस मुद्दे पर कई बार हंगामा हुआ। यहां से हर हाल में कूड़ा हटवाया जाना चाहिए।
व्यापारी उदय सिंह चौहान कहते हैं कि पूरा देश साफ हो रहा है, लेकिन बागपत के मुहाने पर गंदगी का ढेर लगा दिया है। प्रशासन बोलता कुछ और है और आचरण में कुछ और ही है। यहां कूड़ा डालने वालों पर जुर्माना लगाए और कूड़ा सिर्फ कूड़ेदान में डलवाया जाए।
चौधरी प्रताप सिंह गुर्जर के अनुसार जो लोग अपना घर की गंदगी यहां फेंक रहे हैं उन्हें सोचना चाहिए यहां से संक्रमण फलों और सब्जियों के द्वारा उनके घरों में पहुंच रहा है। पालिका कूड़ा डलवाने की बजाय कूड़ादान रखे। यहां से गंदगी हर हाल में हटनी चाहिए।
नियमित हो रही है सफाई
होली चौक पर कूड़ा फेंकने वाले कोई और नहीं आसपास के फल-सब्जी वाले एवं अन्य दुकानदार ही हैं। फिर भी पालिका द्वारा यहां नियमित रूप से सफाई कराई जा रही है। दिन निकलते ही सबसे पहले यहां सफाई कराई जाती है। कूड़ेदान रखने को आसपास कोई स्थान नहीं है। स्थान की तलाश की जा रही है। उपयुक्त स्थान पर कूड़ेदान रखवाया जाएगा।
राजुद्दीन, पालिकाध्यक्ष, बागपत