बागपत। बागपत से सांसद और मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर डॉक्टर सत्यपाल सिंह के मुंबई में किराए पर दिए गए आवास में सेक्स रैकेट पकड़े जाने की खबर न्यूज चैनलों पर फ्लैश होते ही बागपत की सियासत में हलचल मच गई। नेताओं की नजरें टीवी पर लग गईं। जगह-जगह इसी बात पर चर्चा होने लगी कि इस मामले में सत्यपाल सिंह की गलती मानी जानी चाहिए या नहीं।
कुछ ने कहा कि सत्यपाल सिंह ने भले ही मकान किराए पर दे रखा था, लेकिन उन्हें यह तो ध्यान रखना चाहिए था कि उनके मकान में कोई गलत काम तो नहीं हो रहा? कुछ का तर्क था कि सारी गलती किराएदार की है, इसमें सत्यपाल सिंह का नाम घसीटना ठीक नहीं।
रालोद जिलाध्यक्ष अनिल जैन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सत्यपाल सिंह ने जिस कंपनी को मकान किराए पर दिया, उसके बारे में पड़ताल करनी चाहिए थी। यह भी देखना चाहिए था कि कंपनी मकान में क्या काम कर रही है? इस लिहाज से सत्यपाल सिंह की गलती लगती है।
रालोद नेता कर्नल (रिटायर्ड) ब्रह्मपाल तोमर ने कहा कि कोई गलत काम एक दिन में ही नहीं हो जाता है। हो सकता है जब सत्यपाल सिंह मुंबई पुलिस कमिश्नर थे, तभी गलत धंधा शुरू हुआ हो, उन्हें नैतिकता के आधार पर लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए।
एमएलसी प्रशांत चौधरी ने कहा कि कहने के लिए तो यह भी कहा जा सकता है कि सत्यपाल सिंह की गलती है, उन्हें राजनीति में नहीं रहना चाहिए, लेकिन यह कहना सही नहीं है। हकीकत यह है कि गलती किराएदार की है, इसमें मकान मालिक का नाम नहीं घसीटना चाहिए।
बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित ने भी यही कहा कि मकान मालिक को अपने मकान के बारे में जानकारी तो रखनी चाहिए, लेकिन इस मामले में पूरी गलती किराएदार की लगती है, सत्यपाल सिंह की नहीं।
सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर का कहना है कि यह मामला अभी उनकी जानकारी में नहीं आया है। वह पहले इसकी पूरी जानकारी करेंगे, इसके बाद ही प्रतिक्रिया दे पाएंगे।
सामने आ जाएगी सच्चाई - नेपाल
बागपत। भाजपा नेता नेपाल सिंह का कहना है कि सांसद डॉक्टर सत्यपाल सिंह ने मुंबई पुलिस कमिश्नर से न केवल किराएदार कंपनी पर कार्रवाई के लिए लिखा है, बल्कि इस मामले में राजनीतिक साजिश की आशंका की जांच कराए जाने के लिए भी कहा है। उन्हें शक है कि सत्यपाल सिंह को बदनाम करने के लिए यह राजनीतिक साजिश हो सकती है।