फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कौन पास - कौन फेल

Sat, 17 May 2014 05:30 AM IST
Baghpat
विज्ञापन
विज्ञापन
:: कोकब हमीद
विज्ञापन

कभी बागपत की सियासत में हवेली का हुक्म चलता था लेकिन अब कहानी बदल गई है। कोकब हमीद गंभीर बीमारी की हालत में व्हील चेयर पर बैछकर अजित सिंह को वोट दिलाने के लिए आए, लेकिन नतीजों से लगता है कि उनकी किसी ने सुनी नहीं। अब उनका क्या होगा?
:: वीरपाल राठी
छपरौली विधायक वीरपाल राठी ने गन्ने के मुद्दे पर विधान सभा में कपडे़ तक उतार दिए थे। उनका विरोध हुआ तो जयंत चौधरी उनकी हिमायत में बोले। रालोद के कुछ लोग तब भी कहते थे कि राठी नुकसान के सिवाय कुछ नहीं कर रहे। अब उनकी बात सच साबित हो गई।
विज्ञापन

:: अनिल जैन
रालोद नेताओं को अजित सिंह को इतनी उम्मीद तो थी ही कि और कुछ न सही कम से कम जैन वोट तो दिला ही देंगे। बड़ौत में जैन समाज के काफी वोटर हैं लेकिन अब तो लग रहा है कि रालोद नेता गलत थे। चर्चा यह हो रही है कि अनिल जैन खुद इस्तीफा देंगे या उन्हें हटाया जाएगा।
:: लोकेश दीक्षित
जिस तरह हर छोटी बड़ी बात पर बड़ौत के बसपा विधायक अफसरों के सामने हंगामा करते हैं, उससे लगता था कि लोग उन्हें पसंद कर रहे हैं। वे चाहेंगे तो प्रशांत चौधरी को खूब वोट दिला देंगे, लेकिन कहानी कुछ और ही निकली। लोगों ने फूल खिलाने के लिए जो मन बनाया था, लोकेश उसे बदल नहीं पाए।
:: हेमलता चौधरी
प्रशांत चौधरी बागपत विधान सभा क्षेत्र में तो खुद को नंबर वन मानकर चल रहे थे। मानते भी क्यों नहीं, उनकी पत्नी यहां से विधायक जो हैं। लेकिन नतीजों से लग रहा है कि हेमलता दो साल में ही अपनी पकड़ खो चुकी हैं। उनके लिए आगे का सफर मुश्किल होगा।
:: सतेन्द्र सोलंकी
जब सतेन्द्र सोलंकी ने बसपा ज्वाइन की तो, बड़ा हल्ला मचा। ऐसे कहा गया कि छपरौली में हाथी चलेगा नहीं, दौड़ेगा, लेकिन नतीजे बता रहे हैं कि वोटरों पर सोलंकी की कुछ खास चली नहीं। उन्हें छपरौली से बसपा का टिकट दावेदार माना जा रहा था लेकिन अब कहानी बदल सकती है।
विज्ञापन

:: साहब सिंह
सपा ने साहब सिंह, कुलदीप उज्ज्वल, ओमवीर तोमर के रूप में तीन नेताओं को लालबत्ती दी। गुलाम मौहम्मद को टिकट दिया। उम्मीद थी कि जाट-मुस्लिम समीकरण बनेगा और साइकिल जीत जाएगी, लेकिन अब लग रहा है कि जाट वोटरों पर लालबत्तियों का खास असर नहीं हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें