छपरौली। अवैध खनन के लिए लंबे समय से बदनाम रहे बदरखा गांव के खादर में रविवार रात करीब 12 बजे गोलियों की आवाज सुनकर गांव वाले जाग उठे। पता चला कि खनन माफिया में पैसे के लेन देन पर विवाद होने पर फायरिंग हो रही है। इसके बाद गांव वालों के विरोध के डर से माफिया दिन निकलने से पहले ही जेसीबी मशीनें लेकर चले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद पुलिस नहीं पहुंची।
पूर्व प्रधान यशवीर ने बताया कि खादर में खनन तो बहुत दिनों से हो रहा है लेकिन फायरिंग पहली बार हुई। दोनों पक्षों ने हवा में गोलियां चलाई। यहां 10 दिन पहले एसडीएम ने छापा भी मारा था, लेकिन पकड़ा कोई नहीं गया था। माफिया रात को 12 बजे से तीन बजे तक जेसीबी मशीन से रेत निकालते हैं और फिर सुबह को ट्रकों में लादकर ले जाते हैं।
इसके बाद मशीनें हटाकर थोड़ी दूरी पर रख ली जाती हैं। गांव के उदयवीर का कहना है कि खनन का गांव में विरोध भी खूब हुआ है लेकिन माफिया बाज नहीं आ रहे। उन्होंने बताया कि रात जब फायरिंग हुई तो गांव का गुस्सा और बढ़ गया। सुबह काफी लोग खनन स्थल पर पहुंचे लेकिन तब तक माफिया वहां से मशीनें लेकर जा चुके थे। जिस स्थान पर खनन हो रहा है, वहां गहरे-गहरे कुण्ड बने हैं। छापा मारने वाले अधिकारी इन्हें कई बार देखकर जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं होती।
आज जाएगी टीम
खनन विभाग के निरीक्षक राज रंजन का कहना है कि बदरखा से अवैध खनन की शिकायत पर कई बार छापा मारा गया, लेकिन कोई नहीं मिला। आज मंगलवार को फिर से टीम भेजी जाएगी।