बागपत। यमुना में बड़े पैमाने पर चल रहे रेत के अवैध खनन से सिर्फ नदी में तो कुंड बन ही रहे हैं, साथ में सड़कें भी टूट टूटकर गड्ढा-गड्ढा होती जा रही है। रेत के ओवरलोड ट्रक चलते हैं, तो सड़क का दम निकल जाता है। अब तो एक एक दिन में सौ-सौ ट्रक निकल रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि इन्हें कोई रोक नहीं रहा है। रेत के ट्रकों ने ही दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का हाल बिगाड़ा। मेरठ रोड पर ट्रक कम चले, इसलिए यह बची रही। लेकिन अब इस पर भी ट्रक जा रहे हैं, तो गड्ढे नजर आने लगे हैं। पिछले दिनों इसकी मरम्मत भी की गई। इसके अलावा दिल्ली-सहारनपुर रोड पर पहले बड़ौत की ओर ही सड़क टूटी हुई थी, अब खेकड़ा की तरफ भी गड्ढे गहरे हो गए हैं। अफसरों का ध्यान न तो खनन रोकने पर है, न ही ट्रकों की चेकिंग पर। ओवरलोड ट्रक पकड़े भी नहीं जा रहे हैं।
जब कोई बड़ी शिकायत आती है तो खनन विभाग सिसाना में जाकर खनन बंद करा देता है। लेकिन एक दो दिन बाद फिर से ट्रक चलने लगते हैं। सिसाना के अलावा सांकरोद से भी खनन की शिकायतें आ रही हैं। जो ट्रक रेत भरकर हरियाणा की ओर जा रहे हैं, उन्होंने सोनीपत रोड को तोड़ डाला है। मुसीबत यह भी है कि चुनाव आचार संहिता के चलते सड़कों की मरम्मत का बजट नहीं मिल पा रहा है।
एआरटीओ को निर्देश दिए हैं - डीएम
बागपत। डीएम अजयदीप सिंह का कहना है कि जहां से भी अवैध खनन होने की शिकायत आ रही है, वहां छापामारी कराई जा रही है। ओवरलोड ट्रकों की चेकिंग इसलिए नहीं हो पा रही क्योंकि बागपत एआरटीओ प्रशासन का चार्ज फिलहाल मेरठ एआरटीओ के पास है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि ओवरोड ट्रकों पर कार्रवाई हो। इस पर एक दो दिन में असर नजर आ जाएगा।