बागपत। छोटी से छोटी घटनाओं का खुलासा करने में भी महीनों लगा देने वाली पुलिस के लिए आने वालेे समय में बड़ी से बड़ी वारदात के रहस्य से परदा उठाना भी बच्चों के खेल जैसा आसान हो जाएगा। यह मुमकिन होगा क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम के स्पेशल सॉफ्टवेयर से। इसमें पुलिस को सिर्फ इतना सा काम करना है कि मौका-ए-वारदात से फिंगर प्रिंट लेकर इसमें फीड कर देने हैं। ऐसा करते ही घटना में शामिल अपराधियों के सिर्फ नाम-पते ही नहीं, जुर्म की पूरी कुंडली तक पल भर में कंप्यूटर की स्क्रीन पर आ जाएगी।
कैसे काम करेगा सॉफ्टवेयर ?
किसी भी घटना के बाद पुलिस मौका-ए-वारदात से फिंगर प्रिंट लेगी। इसे सीसीटीएनएस के तहत थानों को दिए जा रहे कंप्यूटर में फीड किया जाएगा। इन कंप्यूटर में इन्वेटिगेशन नाम से सॉफ्टवेयर होगा, इसमें देश के सभी अपराधियों के फिंगर प्रिंट पहले से मौजूद होंगे। जैसे ही पुलिस नए फिंगर प्रिंट फीड करेगी, सॉफ्टवेयर इनका मिलान करना शुरू कर देगा। अगर उस अपराधी के फिंगर प्रिंट पहले से मौजूद हैं तो तुरंत ही उसका नाम पता मिल जाएगा। उसकी क्रिमिनल हिस्ट्री भी स्क्रीन पर आ जाएगी।
क्या-क्या होंगे फायदे ?
सीसीटीएनएस में पूरे देश के अपराधियों का डिजिटल डाटा ऑनलाइन रहेगा। एक सॉफ्टवेयर खासतौर पर वारदातों के तरीके के लिए तैयार किया जा रहा है, इसमें किसी घटना का तरीका फीड करने पर पता चल जाएगा कि इस तरह वारदात कौन-कौन से गिरोह करते हैं और हाल फिलहाल में ऐसी घटनाएं कहां-कहां हुई हैं।
गुमशदगी में भी अहम रोल
सीसीटीएनएस के माध्यम से गुमशुदगी लोगों की तलाश और अज्ञात शवों की शनाख्त करना भी आसान होगा। हर थाने को कैमरे भी दिए जा रहे हैं। देशभर में जहां भी कोई लापता होगा, उसकी डिटेल और फोटो कंप्यूटर में फीड की जाएगी। फिर कहीं भी किसी लापता की बरामदगी होने पर उस थाने को सूचना पहुंच जाएगी, जहां से वह लापता हुआ। इसी तरह अज्ञात शवों के फोटो और डिटेल भी कंप्यूटर में फीड होंगी। अगर कहीं उसकी गुमशुदगी दर्ज है, तो तुरंत शनाख्त हो जाएगी।
बागपत पुलिस को दी गई ट्रेनिंग
बागपत। पुलिस लाइन में सीसीटीएनएस पर वर्कशॉप आयोजित की गई, इसमें प्रोजेक्ट के ट्रेनर अमन गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों और सीसीटीएनएस के लिए चयनित पुलिसकर्मियों को इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यह भी बताया कि इसके माध्यम से अपराधी कैसे पकड़े जाएंगे? इस मौके पर एएसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, सीओ बड़ौत घनश्याम, सीओ क्राइम ब्रांच रफीक अहमद मौजूद रहे।